भारत के अगले CJI का नाम तय! जस्टिस बीआर गवई ने जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश की, 24 नवंबर को लेंगे शपथ
BR Gavai Successor Justice Suryakant: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बीआर गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस सूर्यकांत का नाम कानून मंत्रालय को भेजा है. उन्होंने इस संबंध में औपचारिक चिट्ठी लिखी है.
Advocate Kanika Bharadwaj exposes the Dark Side of Law and Justice | Podcast | Ujjwal Mishra
उज्ज्वल मिश्रा के साथ पॉडकास्ट में एडवोकेट कनिका भारद्वाज ने कानून और न्याय की अंधेरी सच्चाइयों को उजागर किया। उन्होंने ये माना कि लड़कों के लिए आज के दौर में कानून कमजोर हैं जिन्हें मजबूत करने की जरूरत है। कनिका ने जोर दिया कि हाई-प्रोफाइल केसों में मीडिया और राजनीतिक दबाव भी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश और ईमानदार वकीलों के प्रयास सिस्टम को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। देखिए पॉडकास्ट...
Adv. Kanika Bharadwaj Podcast: Court Decisions को क्या Media Trial प्रभावित करते हैं? Ujjwal Mishra
उज्ज्वल मिश्रा के पॉडकास्ट में एडवोकेट कनिका भारद्वाज के साथ चर्चा हुई कि क्या मीडिया ट्रायल कोर्ट के फैसलों को प्रभावित करते हैं? सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिक कर रहीं एडवोकेट कनिका ने बताया कि भारत में जजों को कानून और सबूतों के आधार पर फैसले लेने की सख्त ट्रेनिंग होती है, जिससे मीडिया का प्रभाव सीमित रहता है। हालांकि, हाई-प्रोफाइल केसों में मीडिया की आक्रामक कवरेज से जनता का दबाव बढ़ सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से माहौल को प्रभावित करता है। फिर भी, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के दिशानिर्देश सुनिश्चित करते हैं कि न्यायिक प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष रहे। देखिए पॉडकास्ट...
Adv. Kanika Bharadwaj Podcast: Jolly LLB, OMG जैसी फिल्मों में दिखाया जाने वाला Courtroom drama कितना सच कितना झूठ?
उज्ज्वल मिश्रा के पॉडकास्ट में एडवोकेट कनिका भारद्वाज के साथ 'Jolly LLB' और 'OMG' जैसी फिल्मों में दिखाए गए कोर्टरूम ड्रामे की सच्चाई पर चर्चा हुई। फिल्मों में कोर्ट की कार्यवाही को नाटकीय बनाया जाता है, जैसे जोरदार भाषण और त्वरित फैसले, जो वास्तविकता से भिन्न हैं। असल कोर्ट में प्रक्रिया लंबी, तकनीकी और कम नाटकीय होती है। 'Jolly LLB' में भ्रष्टाचार और 'OMG' में सामाजिक मुद्दों को अतिशयोक्ति के साथ दिखाया गया, जो मनोरंजन के लिए है। हालांकि, ये फिल्में कानूनी प्रणाली की खामियों को उजागर करती हैं, लेकिन वास्तविकता अधिक जटिल और धीमी होती है। देखिए पॉडकास्ट
Adv. Kanika Bharadwaj Podcast: वकील कितने प्रकार के होते हैं? Supreme Court | High Court | Ujjwal Mishra
उज्ज्वल मिश्रा के पॉडकास्ट में एडवोकेट कनिका भारद्वाज के साथ वकीलों के प्रकारों पर चर्चा हुई। भारत में वकील मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, और जिला अदालतों में प्रैक्टिस करते हैं। सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रेकॉर्ड (AOR) विशेष रूप से केस दाखिल करते हैं, जिन्हें न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव चाहिए। हाई कोर्ट में सिविल, क्रिमिनल, कॉन्स्टिट्यूशनल, मैट्रिमोनियल, और लेबर लॉ जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाले वकील होते हैं। जिला स्तर पर सत्र, सिविल, और आपराधिक वकील कार्य करते हैं। पैनल वकीलों का चयन अनुभव, अखंडता, और योग्यता के आधार पर होता है। देखिए वीडियो...
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आरएफ नरीमन ने देश में बढ़ रहे सांप्रदायिक तनाव को लेकर व्यक्त की चिंता
जस्टिस नरीमन ने पूजा स्थल अधिनियम 1991 को लेकर कहा कि इस कानून को सही तरीके से लागू नही होने की वजह से सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है.
आज भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, 13 मई 2025 तक रहेगा कार्यकाल
Justice Sanjiv Khanna Take Oath Today: न्यायमूर्ति संजीव खन्ना आज (सोमवार, 11 नवंबर) राष्ट्रपति भवन में भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर उनका कार्यकाल 13 मई 2025 तक रहेगा.
Cash for Job मामले में TMC नेता कुंतल घोष को SC ने दिया झटका, कहा- कोलकाता HC से कराएं जमानत
पश्चिम बंगाल कैश फॉर जॉब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जेल में बंद तृणमूल कांग्रेस युवा इकाई के नेता कुंतल घोष को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने कुंतल घोष को जमानत देने से इनकार कर दिया है.
छतीसगढ़: पूर्व CM भूपेश बघेल की सचिव की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब, जानें क्यों जेल में हैं सौम्या चौरिसिया
छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व सचिव सौम्या चौरसिया की ओर से दायर तीसरी जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कथित 500 कोल लेवी स्कैम के आरोप में सौम्या चौरिसिया जेल में बंद हैं.
सर्जरी के लाइव ब्रॉडकास्ट पर रोक की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, डॉक्टरों ने कई वजहें गिनाईं
अस्पतालों में लाइव सर्जरी ब्रॉडकास्ट पर रोक लगाने की बात करते हुए डॉक्टरों ने अदालत में कहा कि सर्जन का लाइव प्रसारण करना कुछ ऐसा है जैसे विराट कोहली क्रिकेट खेल रहे हों और लाइव कमेंट्री भी कर रहे हों. ऐसा होने पर एम्स में भी एक व्यक्ति की मौत टेबल पर ही हो गई थी.





