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supreme court of india

SC-ST श्रेणियों के भीतर उप-वर्गीकरण की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ 1 अगस्‍त को फैसला सुनाएगी. सुप्रीम कोर्ट य़ह भी तय करेगा कि क्या राज्य विधानसभाएं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के भीतर उप-वर्गीकरण शुरू करने में सक्षम हैं.

कोर्ट ने कहा कि व्यक्ति की गरिमा में व्यक्ति के अपनी क्षमता को पूरी तरह से विकसित करने का अधिकार शामिल है.

जीएम सरसों को लेकर दायर याचिका में अस्थायी रोक लगाने की मांग की गई थी। यह फैसला जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने यह फैसला दिया है

पीएमएलए एक्ट और इसके तहत ईडी को मिली शक्ति पर सवाल उठाए गए है जिसका कोर्ट द्वारा परीक्षण किया जाना है. जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली स्पेशल बेंच 86 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 8 मई को न्यायिक आदेश जारी कर प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट नैनीताल से शिफ्ट करने के लिए एक महीने के अंदर भूमि मुहैया कराने का आदेश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कॉर्पोरेट कंपनियों ने केन्द्र सरकार की जांच एजेंसियों की जांच से बचने और सरकारी ठेके या लाइसेंस हासिल करने के लिए चन्दा दिया है.

एक पुरानी कहावत है, ‘जब घी सीधी उँगली से न निकले तो उँगली टेढ़ी करनी पड़ती है’ यानी जब कभी भी आपका कोई काम आसानी से न हो रहा हो तो आप कोई दूसरा विकल्प अपनायें।