Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

UP News In Hindi

उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्मारक, पार्क और विशाल मूर्तियां अब सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि सत्ता की पहचान बन गए हैं। बसपा ने दलित प्रतीकों और भव्य मूर्तियों से अपनी विरासत गढ़ी, एसपी ने समाजवादी नेताओं के नाम पर पार्क बनाकर विकास और समाजवाद का संदेश दिया, और अब बीजेपी राष्ट्रवादी प्रेरणा स्थलों के जरिए अपनी विचारधारा को मजबूत करने में लगी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 चुनावों से पहले यह प्रतीकात्मक राजनीति और तेज होगी। सवाल यह है कि क्या ये स्मारक जनता के जीवन में विकास लाएंगे या सिर्फ राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएंगे?

मथुरा में विश्व हिंदू परिषद की ओर से शौर्य यात्रा आयोजित की गई। यह यात्रा मसानी वेद मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुज़री, जहां लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई। कथा वाचक देवकी नंदन महाराज ने शौर्य यात्रा के दौरान कहा कि मथुरा में भव्य मंदिर बनेगा जैसे अयोध्या में हुआ। उन्होंने बाबर की विचारधारा के खिलाफ कड़े शब्द कहे और सनातनियों के अधिकारों की बात की। शौर्य और इतिहास के प्रति यह यात्रा एक महत्वपूर्ण प्रतीक रही।

अयोध्या में 6 दिसंबर को बाबरी ढांचा गिराए जाने की 33वीं बरसी पर सुरक्षा काफी सख्त की गई है। खुफिया इनपुट के अनुसार आतंकी गतिविधियों की आशंका के चलते पूरे शहर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं। प्रवेश मार्गों पर वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही है, जबकि राम पथ, टेढ़ी बाजार और निषाद राज चौराहे पर भी कड़ी निगरानी जारी है। पूरे शहर को सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटर किया जा रहा है और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील दिन होने के कारण यूपी सरकार ने अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।

अयोध्या बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इक़बाल अंसारी ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने के प्रयास का विरोध किया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, मुसलमानों को 5 एकड़ भूमि मिल चुकी है और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण भी पूरा हो रहा है। अब मंदिर–मस्जिद की राजनीति की कोई जरूरत नहीं है। अंसारी ने कहा कि देश को सौहार्द, विकास और भाईचारे की जरूरत है, न कि धार्मिक विवादों की। उन्होंने 6 दिसंबर बाबरी ढांचा बरसी मनाने पर भी आपत्ति जताई और अयोध्या की गंगा-जमुनी तहज़ीब को आगे बढ़ाने की अपील की।

बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर बिहार में विपक्ष के नेता तो मंथन कर ही रहे हैं इधर यूपी में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी गुणा गणित लगा रहे हैं और बिहार में हार की वजहों को सुधारते हुए यूपी में विधानसभा चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं...

यूपी सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि आधार केवल पहचान पत्र है और इसमें दर्ज जन्मतिथि अंतिम प्रमाणिक दस्तावेज नहीं माना जा सकता। इस फैसले पर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे जनता को परेशान करने वाला तुगलकी फरमान बताया, जबकि सरकार का दावा है कि कई लोग आधार में गलत जन्मतिथि दर्ज कराते हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। अब आगे देखना है कि प्रक्रिया को सरल किया जाएगा या विवाद बढ़ेगा।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची सुधार नहीं, बल्कि देश की मूल संरचना को कमजोर करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने जनता और सभी दलों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करें।

उत्तर प्रदेश में चुनावी कामकाज के दौरान बीएलओ पर बढ़ते काम के बोझ और तनाव ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। कई बीएलओ भारी दबाव के कारण जान गंवा रहे हैं या नौकरी छोड़ने पर मजबूर हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार और चुनाव आयोग पर अव्यवहारिक एसआईआर लक्ष्यों को थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह काम अब मानसिक प्रताड़ना बन चुका है। अखिलेश ने मृतक बीएलओ के परिवारों को पार्टी फंड से 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा भी की है। सवाल यह है—क्या सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान देगी?

यूपी सरकार ने शराब की बिक्री को पारदर्शी बनाने और नकली शराब पर रोक लगाने के लिए UP Excise Citizen App लॉन्च किया है। इस एप की मदद से अब हर शराब की बोतल पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके उसकी पूरी जानकारी तुरंत मोबाइल पर मिल जाएगी। ब्रांड, पैकेजिंग, गोदाम, स्टॉक डेट—सब कुछ एक सेकंड में सामने आ जाता है। नकली बोतल मिलने पर स्क्रीन पर कोई डेटा नहीं दिखता। यह एप नागरिकों, दुकानदारों और अधिकारियों—सभी के लिए उपयोगी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि शराब खरीदते समय QR स्कैन कर सुरक्षा सुनिश्चित करें |

उत्तर प्रदेश में शुरू हुए SIR यानी Special Intensive Revision का पूरा उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट, मृतक और फर्जी वोट हटाए जाते हैं ताकि चुनाव पारदर्शी रहें। बिहार में भी यह प्रक्रिया हो चुकी है जहाँ लाखों नाम हटाए गए थे। यूपी में भी अनुमान है कि 30–50 लाख नाम कट सकते हैं, इसलिए जागरूक रहना बहुत ज़रूरी है। अपना नाम वोटर लिस्ट में अवश्य जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएँ। SIR आपके वोट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।