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UP News

Abdullah Azam: उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे अब्दुल्ला आजम को रामपुर कोर्ट ने दो पासपोर्ट और पैनकार्ड मामले में 7 साल की सजा सुनाई है. साथ ही उनपर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

डॉ. भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस पर 6 दिसंबर को गौतमबुद्धनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी. ये कदम बीआर अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा उठाया गया है.

मेरठ का नीला ड्रम हत्या कांड एक बार फिरसे चर्चा में बन गया है. अपने पति के हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान ने हाल ही में एक बेटी को जन्म दिया है. अब उसकी एक इच्छा है, जिससे ये मामला एक बार फिर चर्चाओं में दिखने लगा है.

वाराणसी में आयोजित काशी-तमिल संगमम कार्यक्रम के दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई. एक नशे में युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच के पास पहुंच गया, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया.

धागे से धरोहर तक' थीम पर हुए आयोजन में कुल कारोबार ₹3.20 करोड़ तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की ₹2.25 करोड़ की तुलना में लगभग 42% अधिक है.

बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर बिहार में विपक्ष के नेता तो मंथन कर ही रहे हैं इधर यूपी में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी गुणा गणित लगा रहे हैं और बिहार में हार की वजहों को सुधारते हुए यूपी में विधानसभा चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं...

शादाब जकाती अचानक सुर्खियों में कैसे आए...दरअसल शुक्रवार को पुलिस ने बच्ची के जरिये से अश्लील रील बनाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया. हालांकि उन्हें कोर्ट से तुरंत जमानत मिल गई, लेकिन इस मामले ने शादाब जकाती को एक बार फिर चर्चा में ला दिया. शादाब जकाती के बारे में लोग इंटरनेट पर सर्च करने लगे. गिरफ्तार होने के तुरंत बाद जमानत मिलने के चलते लोग शादाब की कमाई को लेकर तरह तरह की बातें करते दिखे.

राज्यसभा सांसद एवं यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा (Dr Dinesh Sharma) ने जीडी गोयंका स्कूल में आयोजित खेल महोत्सव में कहा कि भारत ने खेल के क्षेत्र में दुनिया में वर्चस्व कायम करना आरंभ कर दिया है.

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आपको हैरान कर देगा. प्रदेश के इस जिले में भेड़ियों और तेदुओं की बड़ी दहश्त है, लेकिन बीती रात कुछ ऐसा हुआ की जान कर आप भी हैरतअंगेज हो जाएंगे.

यूपी सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि आधार केवल पहचान पत्र है और इसमें दर्ज जन्मतिथि अंतिम प्रमाणिक दस्तावेज नहीं माना जा सकता। इस फैसले पर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे जनता को परेशान करने वाला तुगलकी फरमान बताया, जबकि सरकार का दावा है कि कई लोग आधार में गलत जन्मतिथि दर्ज कराते हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। अब आगे देखना है कि प्रक्रिया को सरल किया जाएगा या विवाद बढ़ेगा।