Chandauli Liquor Smuggling: बिहार में शराबबंदी को लागू हुए सालों बीत गए, लेकिन प्यासों तक जाम पहुंचाने के लिए तस्करों ने अब रेल की पटरियों को अपना ‘हाईवे’ बना लिया है. चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) रेल मंडल में इन दिनों तस्करी का एक ऐसा तरीका सामने आया है जिसे देखकर पुलिस भी चकरा गई है. फिल्म ‘पुष्पा’ में जिस तरह चंदन की तस्करी के नए-नए जुगाड़ दिखाए गए थे, बिल्कुल उसी तर्ज पर तस्कर अब एक्सप्रेस ट्रेनों के AC कोच का इस्तेमाल कर रहे हैं.
AC बोगी के टॉयलेट में ‘तहखाना’
ताजा मामला विभूति एक्सप्रेस का है. चेकिंग के दौरान जब आरपीएफ और जीआरपी की टीम ट्रेन में दाखिल हुई, तो नजारा चौंकाने वाला था. तस्करों ने शराब छिपाने के लिए ट्रेन के AC कोच के शौचालय की छत को अपना गुप्त ठिकाना बना लिया था. शौचालय के ऊपर बने पैनल के पीछे भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद की गईं. तस्करों का यह तरीका इतना शातिर है कि आम यात्री को कानों-कान खबर नहीं होती कि जिस बोगी में वो सफर कर रहे हैं, उसके ऊपर शराब का जखीरा लदा हुआ है.
चेन पुलिंग और ‘लोकल सपोर्ट’ का खेल
अब सवाल यह उठता है कि इतनी भारी मात्रा में शराब चलती ट्रेन में चढ़ती कैसे है? जांच में जो बात निकलकर सामने आ रही है, वो और भी डरावनी है. बताया जा रहा है कि तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि वे सुनसान रास्तों पर धड़ल्ले से ‘चेन पुलिंग’ करते हैं.
जैसे ही ट्रेन रुकती है, रेलवे ट्रैक के किनारे पहले से मौजूद तस्कर बोरियों में भरी शराब को खिड़कियों और दरवाजों के जरिए अंदर पहुंचा देते हैं. इस पूरे खेल में स्थानीय पुलिस और कुछ निचले स्तर के रेल स्टाफ की मिलीभगत की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे जवान
शराब तस्करी का यह धंधा अब सिर्फ ‘चोरी-छिपे’ का काम नहीं रह गया है, बल्कि यह बेहद हिंसक और खूनी होता जा रहा है. तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे वर्दी पर गोली चलाने से भी नहीं चूकते. पिछले साल दो आरपीएफ जवानों की हत्या इसी तस्करी के विरोध में कर दी गई थी. वहीं, बीते दिनों गाजीपुर के दिलदार नगर में भी तस्करों ने आरपीएफ टीम पर सीधे फायरिंग कर दी थी.
बिहार की शराबबंदी तो यूपी बना ‘सप्लाई’ सेंटर
बिहार में शराब पर पाबंदी के कारण वहां शराब की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका फायदा उठाने के लिए तस्कर जान की बाजी लगा रहे हैं. यूपी के जिलों से शराब खरीदकर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाना उनके लिए मोटा मुनाफा कमाने का जरिया बन गया है.
अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन तस्कर हर दिन नए तरीके इजाद कर रहे हैं. फिलहाल, विभूति एक्सप्रेस से बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और पुलिस उन सफेदपोश चेहरों की तलाश में है जो इस सिंडिकेट को पीछे से ऑपरेट कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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