नीरज त्यागी/मुजफ्फरनगर UP News: मुजफ्फरनगर जिले में तितावी थाना के थानाध्यक्ष और दो सिपाहियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है. करीब तीन लाख रुपये की डील से जुड़ी ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया.
एसएसपी ने की त्वरित कार्रवाई
ऑडियो सामने आने के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने जांच कराई. जांच में थानाध्यक्ष पवन चौधरी और सिपाही अनीस व नवीन की संलिप्तता पाई गई. इसके बाद तीनों को तुरंत निलंबित कर दिया गया और मामले की जांच एसपी देहात को सौंप दी गई.
मामला कैसे शुरू हुआ?
मार्च महीने में तितावी थाना पुलिस ने 270 ग्राम स्मैक बरामद की थी. इस दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि दो आरोपी फरार बताए गए. आरोप है कि फरार आरोपियों के नाम हटाने के लिए पुलिसकर्मियों ने तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी.
महिला ने किया खुलासा
फरार आरोपियों में से एक की गिरफ्तारी के बाद संजीदा नाम की महिला ने रिश्वत देने की बात उजागर की. उसने पहले फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो वायरल की, जिसमें सिपाही नवीन उससे पैसे की बात करता सुनाई दिया. इसके बाद महिला ने वीडियो जारी कर बताया कि उसने 2 लाख 85 हजार रुपये पुलिसवालों को दिए हैं और अब वह अपने पैसे वापस चाहती है.
जांच रिपोर्ट और निलंबन
ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने सीओ से जांच कराई. रिपोर्ट में थानाध्यक्ष और दोनों सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई. जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तीनों को निलंबित कर दिया गया.
एसएसपी ने क्या कहा?
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि यह मामला ऑपरेशन सवेरा के दौरान सामने आया था. जांच में गंभीर तथ्य मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई. उन्होंने दोहराया कि शासन की नीति भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की है और इसी के तहत विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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