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केरल का ऐतिहासिक कदम : देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित बजट पेश

केरल ने देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से Elderly Budget पेश कर इतिहास रच दिया है. 2026-27 के बजट में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए Silver Economy और Care Economy को विकास की धुरी बनाया गया है.

Kerala Elderly Budget
Edited by Vaibhav Gupta

केरल ने भारत में एक अनूठी पहल करते हुए 2026-27 के बजट में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से Elderly Budget पेश किया है. यह देश का पहला ऐसा बजट है जो बुजुर्गों की बढ़ती आबादी और उनकी जरूरतों पर केंद्रित है. वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने विधानसभा में मुख्य बजट के साथ यह समर्पित दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी तेजी से बढ़ रही है और 2026 तक यह कुल आबादी का 18.7% पहुंच जाएगी. अगले दस वर्षों में यह आंकड़ा लगभग 25% तक पहुंच सकता है.

इस बदलते जनसांख्यिकीय ढांचे को देखते हुए केरल सरकार ने Silver Economy और Care Economy को विकास की मुख्य धुरी बनाया है. Silver Economy से तात्पर्य 50+ आयु वर्ग के लोगों के लिए उत्पादों, सेवाओं और अवसरों से है, जबकि Care Economy में बुजुर्गों की देखभाल, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिया गया है.

Elderly Budget की मुख्य बातें

  • कुल Elderly Budget का आकार: 46,236.52 करोड़ (प्लान और नॉन-प्लान दोनों शामिल), जो राज्य के कुल बजट का 19.07% है.
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन और कल्याण योजनाओं के लिए बड़ी राशि आवंटित, जिसमें पेंशनधारियों की संख्या और राशि में वृद्धि शामिल.
  • Retirement Homes की स्थापना के लिए संगठनों और समूहों को 30 करोड़ की सब्सिडी.
  • अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए ऑन-कॉल स्वयंसेवी सेवाएं शुरू करने पर 10 करोड़ खर्च.
  • बीपीएल वरिष्ठ नागरिकों के लिए निमोनिया टीकाकरण पर 50 करोड़ का प्रावधान.
  • आंगनवाड़ी, आशा और प्री-प्राइमरी शिक्षकों के मानदेय में 1,000 मासिक वृद्धि.
  • कला और विज्ञान कॉलेजों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए दुर्घटना और जीवन बीमा योजना में शामिल करने की घोषणा.
  • सबरीमाला मास्टर प्लान और अन्य तीर्थ मार्गों के विकास के लिए 30 करोड़ अतिरिक्त.
  • अन्य तीर्थ स्थलों के विकास के लिए 15 करोड़.

क्यों जरूरी है यह बजट?

केरल भारत का सबसे तेजी से उम्रदराज होने वाला राज्य है. युवा आबादी घट रही है, जबकि बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. परिवारिक संरचना में बदलाव, प्रवास और न्यूक्लियर परिवारों के कारण कई बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं. सरकार ने इसे चुनौती के साथ अवसर के रूप में देखा है. सिल्वर इकोनॉमी के तहत बुजुर्गों के लिए रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, रिटायरमेंट होम्स और समुदाय आधारित देखभाल को बढ़ावा दिया जा रहा है.

इसके अलावा, Elderly Commission गठित करने की घोषणा की गई है, जिसकी रिपोर्ट तीन महीने में आएगी. आने वाले वर्षों में भी अलग से Elderly बजट पेश किया जाएगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल केरल के लिए बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा. बुजुर्ग आबादी की देखभाल अब चैरिटी से आगे बढ़कर अधिकार-आधारित और आर्थिक विकास से जुड़ी नीति बन गई है.

केरल सरकार की यह पहल Silver Economy को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो आने वाले दशकों में भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बन सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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