चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच एक ऐसी दुनिया भी बसती है, जिसे समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है. राधिका आयंगर की किताब बनारस का मसान डोम समुदाय के जीवन, संघर्ष, सपनों और सामाजिक भेदभाव की इसी अनदेखी दुनिया से पाठकों को रूबरू कराती है.
कौन थीं भीकाजी कामा? जिन्होंने जर्मनी में फहराया था आज़ादी का झंडा, जानिए विदेशी धरती से कैसे हिलाया था ब्रिटिश शासन
आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की उन विरल महिलाओं में से थीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज बुलंद की और 1907 में स्टटगार्ट में ऐतिहासिक रूप से वंदे मातरम ध्वज फहराकर विश्व को भारत की स्वतंत्रता की आकांक्षा से परिचित कराया.
सिर्फ ‘वीर रस’ नहीं, बदलाव की आवाज थे दिनकर; जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक हैं राष्ट्रकवि?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिंदी साहित्य के उन महान कवियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी ओजपूर्ण लेखनी से वीर रस को नई पहचान दी.
सीने पर खाईं 5 गोलियां, फिर भी कब्जे में लिए पाक के टैंक: पढ़ें महावीर चक्र विजेता मेजर आशाराम त्यागी की अमर गाथा
1965 के भारत-पाक युद्ध में डोगरई की जंग के हीरो और महावीर चक्र विजेता मेजर आशाराम त्यागी का बलिदान अमर है. शरीर में 5 गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने पाकिस्तानी टैंकों को तबाह कर डोगरई पर तिरंगा फहराया था.
निजाम की जिद, रजाकारों का अत्याचार और भारत में विलय: पढ़ें हैदराबाद के एकीकरण की पूरी दास्तान
आजादी के समय हैदराबाद को भारत में मिलने से रोकने वाले रजाकार कौन थे? जानिए कासिम रजवी के आतंक, निजाम की भूमिका और भारतीय सेना के 'ऑपरेशन पोलो' की पूरी कहानी.
महज एक नेता नहीं, सादगी की मिसाल थे भोला पासवान शास्त्री; जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक है उनकी कहानी
बिहार की राजनीति का जिक्र आते ही अक्सर बड़े-बड़े काफिले और सत्ता का रुआब आंखों के सामने आ जाता है. लेकिन इसी बिहार की जमीन ने एक ऐसा नेता भी पैदा किया था, जिसने सत्ता के शीर्ष पर बैठकर भी फकीरी का दामन नहीं छोड़ा.
मंगल पांडे को फांसी और दिल्ली पर कब्जा! 1857 के गदर की वो खूनी दास्तान, जिसने मिटा दिया मुगल साम्राज्य
1857 Revolt Indian History: 1857 की क्रांति में मेरठ के सिपाहियों ने दिल्ली पर कब्जा कर बहादुर शाह जफर को नेता चुना, लेकिन अंग्रेजों के भयानक पलटवार ने मुगल साम्राज्य का अंत कर दिया.
हीरो या क्रूर शासक? टीपू सुल्तान और मैसूर के सुल्तानों के अनछुए सच को उजागर करती किताब
पुष्पा कुरूप की यह किताब दक्षिण भारत के इतिहास के सबसे विवादास्पद अध्यायों में से एक हैदर अली और टीपू सुल्तान के शासनकाल पर एक संतुलित, तथ्य-आधारित और चुनौतीपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है.
क्या बिखर जाएगा यूनाइटेड किंगडम? ट्रंप के बयान के बीच इन तीन राष्ट्रों के बड़े फैसले से डरी ब्रिटिश सरकार
स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के प्रथम मंत्रियों ने सोमवार को एक संयुक्त समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए. इससे इन तीनों देशों की ओर से यूनाइटेड किंगडम (यूके) से स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह कराने का इरादा स्पष्ट हो गया है.
दो नाल वाली बंदूक…’ आखिर कैसे पेरियार से बगावत कर अन्नादुरै ने बनाई तमिलनाडु की सबसे ताकतवर पार्टी DMK
पेरियार और अन्नादुरै के बीच आजादी के दिन और व्यक्तिगत फैसलों पर हुए मतभेदों ने तमिलनाडु की राजनीति की दिशा बदल दी और 1949 में DMK का जन्म हुआ.







