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सनातन धर्म में ब्रह्मांड की कल्पना केवल एक दुनिया या एक आकाश तक सीमित नहीं है. भागवत पुराण समेत हिंदू ग्रंथों में असंख्य ब्रह्मांडों, अलग-अलग लोकों और भौतिक दुनिया से परे आध्यात्मिक आयामों का उल्लेख मिलता है.

Mysteries of the Jagannath Temple: उड़ीसा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ कई अनसुलझे रहस्यों के लिए जाना जाता है. हवा के विपरीत लहराता ध्वज हो या मंदिर की गायब होती छाया, जानिए इन 7 प्रमुख रहस्यों का सच.

Sanjeevani Herb: रामायण में लक्ष्मण के प्राण बचाने वाली संजीवनी बूटी का वैज्ञानिक सच क्या है? जानिए क्या सेलाजिनेला ब्रायोप्टेरिस ही असली संजीवनी है और इस पौराणिक औषधि के पीछे का वानस्पतिक सच.

भारतेंदु हरिश्चंद्र हिंदी साहित्य के उन साहित्यकारों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य को समाज और देश की चिंताओं से जोड़ा है. 9 सितंबर 1850 को काशी में जन्मे भारतेंदु ने नाटक, कविता, पत्रकारिता और निबंध के माध्यम से अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं को आवाज दी.

वैदिक ब्रह्मांड विज्ञान और क्वांटम फिजिक्स दोनों ही वास्तविकता की तलाश करते हैं. यह लेख दोनों के बीच की दार्शनिक प्रेरणा और वास्तविक सीमाओं को बेहद करीब से समझाता है.

रॉबर्ट कियोसाकी के करीब 1.2 अरब डॉलर यानी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के कर्ज ने सबका ध्यान खींचा है. कियोसाकी इसे ‘गुड डेट’ मानते हैं, लेकिन साथ ही बिना पर्याप्त वित्तीय समझ के भारी कर्ज लेने से लोगों को सावधान भी करते हैं.

बिहार की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अपनी लेखनी से स्वर देने वाले वरिष्ठ कवि-गीतकार सत्यनारायण अब सिर्फ यादों में रह गए हैं. 13 सितंबर 1935 को भोजपुर जिले (तत्कालीन शाहाबाद) के कौलोडिहरी गांव में जन्मे कवि शिरोमणि सत्यनारायण कदमकुआं के घर की चहारदीवारी में पड़े-पड़े अकुलाता उनका मन सदा-सदा के लिए आजाद हो गया.

स्वच्छता को मानवाधिकार और सामाजिक गरिमा से जोड़ने वाले डॉ. बिंदेश्वर पाठक की अनकही कहानी. जानिए कैसे उन्होंने कम लागत वाले शौचालयों के जरिए देश की तस्वीर बदल दी.

राष्ट्रऋषि राजनारायण बसु भारतीय राष्ट्रवाद, शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण के प्रमुख विचारकों में गिने जाते हैं.

उन्होंने पंचायत और वार्ड चुनाव से लेकर विधानसभा, लोकसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद तक करीब 280 से 284 चुनाव लड़े. चुनावों की इस लंबी सूची में जीत से ज्यादा उनकी पहचान लगातार चुनाव लड़ने के जुनून से बनी. हालांकि उनके चुनावी रिकॉर्ड को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़े थोड़े अलग मिलते हैं और कहीं-कहीं स्थानीय चुनाव में जीत का भी उल्लेख है, लेकिन आम तौर पर उनकी कहानी लगातार चुनाव हारने के बावजूद मैदान में डटे रहने वाले उम्मीदवार की रही.