US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि ईरान अब अपने यूरेनियम भंडार सौंपने पर तैयार हो गया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते की दिशा में अहम प्रगति हुई है और छह हफ्तों से जारी संघर्ष खत्म होने के करीब है.
परमाणु सामग्री पर सहमति
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान हमें न्यूक्लियर डस्ट यानी समृद्ध यूरेनियम देने पर सहमत हो गया है. वाशिंगटन का मानना है कि इस सामग्री का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है और यही सबसे बड़ी चिंता है.
#WATCH | US President Donald Trump says, "…The big thing we have to do is we have to make sure that Iran does not have a nuclear weapon, because if they do, you want to talk about problems, you'd have problems. It is very important that Iran does not have a nuclear weapon, and… pic.twitter.com/c2rp3tVJkQ
— ANI (@ANI) April 16, 2026
वार्ता का अगला चरण
राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर इसी वीकेंड में हो सकता है. उन्होंने मौजूदा युद्धविराम को बढ़ाने की ज़रूरत पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेहरान अब पहले से ज्यादा नरम रुख दिखा रहा है.
रिश्तों में बदलाव
ट्रंप ने कहा कि इस समय अमेरिका और ईरान के संबंध अच्छे हैं, भले ही यह सुनना मुश्किल लगे. उन्होंने माना कि यह स्थिति लगातार चार हफ्तों की बमबारी और कड़ी नाकाबंदी का नतीजा है.
पिछली वार्ता की याद
ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं पहले भी बातचीत का बड़ा मुद्दा रही हैं. अमेरिका चाहता था कि ईरान 20 साल तक अपनी परमाणु गतिविधियां रोक दे, जबकि ईरान ने केवल तीन से पांच साल तक रोक लगाने का सुझाव दिया था.
यूरेनियम हटाने पर जोर
वाशिंगटन लगातार ईरान से अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम हटाने की मांग कर रहा है. वहीं ईरान चाहता है कि उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं. सूत्रों के अनुसार, अब तेहरान कुछ यूरेनियम देश से बाहर भेजने पर विचार कर रहा है, जिसे पहले उसने पूरी तरह खारिज कर दिया था.
युद्धविराम की नाजुक स्थिति
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल होती है तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है. मौजूदा युद्धविराम अगले हफ्ते खत्म होने वाला है और हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं.
इस्लामाबाद में संभावित समझौता
ट्रंप ने कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौता होता है तो वे खुद वहां मौजूद रह सकते हैं. उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मध्यस्थता की सराहना की और इसे वार्ता के लिए काफी अहम बताया.
पोप लियो पर टिप्पणी
ट्रंप ने ईरान के मुद्दे को वैश्विक चिंताओं से जोड़ते हुए पोप लियो 14 पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पोप को समझना होगा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती. अगर ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया खतरे में पड़ जाएगी.
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ट्रंप के बयानों से साफ है कि अमेरिका‑ईरान वार्ता में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं. हालांकि, युद्धविराम की नाजुक स्थिति और परमाणु मुद्दे पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत से तय होगा कि यह संघर्ष खत्म होगा या फिर से भड़क उठेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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