Trump Epstein Case: ”मैं जेफ को पिछले 15 सालों से जानता हूं. वो कमाल का आदमी है. हम दोनों की पसंद एक सी है, क्योंकि हम दोनों को ही कम उम्र की लड़कियां पसंद हैं (Trump Epstein Relationship).” ये बयान आज से 23 साल पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था. जो अब उनके गले की हड्डी बन गई है.
दरअसल यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) का नाम एक बार फिर विवादों में है, लेकिन इस बार के विवाद के केंद्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं. दरअसल यह मामला एपस्टीन के उस कथित ‘क्लाइंट फाइल’ (Epstein Client List) से जुड़ा है, जिसमें दुनिया भर के बिजनेसमैन, ताकतवर नेताओं और बड़ी-बड़ी हस्तियों के नाम लिखे हैं.
ट्रंप पर लग रहे एपस्टीन की फाइल दबाने के आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एपस्टीन की फाइल दबाने के आरोप लग रहे हैं (Epstein Files Coverup). ऐसी चर्चा चल रही है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप एपस्टीन की ‘क्लाइंट फाइल’ सार्वजनिक किये तो कई हाईप्रोफाइल लोगों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे.

आखिर जेफ्री एपस्टीन कौन था, जिसकी फाइल को लेकर अमेरिका की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है? (Who is Jeffrey Epstein)
70 के दशक में फिजिक्स और मैथ्य का था टीचर
जेफ्री एपस्टीन 70 के दशक में न्यूयॉर्क में एक मामूली टीचर था. बताया जाता है कि उसके एक स्टूडेंट के पिता को वह बहुत बेहतरीन और जानदार आदमी लगा. जिसके बाद उस व्यक्ति ने एपस्टीन की दोस्ती वॉल स्ट्रीट इन्वेस्टर से करा दी. कुछ ही समय बाद एपस्टीन उस इन्वेस्टर का पार्टनर बन गया.
समय के साथ एपस्टीन ने खूब पैसा बनाया. हालांकि साल 1981 में उसे धोखेबाजी के आरोप में भगा दिया गया. जिसके बाद उसने अपनी एक फर्म खोली. जिसका नाम एपस्टीन एंड कंपनी रखा. इस कंपनी के बारे में बताया जाता था कि यह कंपनी अरबपतियों को सलाह देने का काम करती है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और थी.
कुछ ही दिनों में एपस्टीन ने खूब दौलत और शोहरत कमाई. उसने न्यू मेक्सिको में एक फॉर्महाउस, न्यूयॉर्क में सबसे बड़ा घर, और फ्लोरिडा में एक हवेली खरीदी.
दुनिया के ताकतवर लोगों में था उठना-बैठना (Trump Epstein Case)
एपस्टीन का उठना-बैठना दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों में होती थी. उसकी पार्टियों में अमेरिकी राष्ट्रपति रहे बिल क्लिंटन, वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और माइकल जैक्सन जैसे नाम थे.
एपस्टीन और ट्रंप की दोस्ती कैसे शुरू हुई? (Trump Epstein Relationship)
डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी और एपस्टीन की दोस्ती एक पार्टी में ही हुई थी. NBC ने 2019 में एक पार्टी वीडियो जारी किया, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप और एपस्टीन साथ नजर आ रहे हैं. यह पार्टी डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में आयोजित हुई. जिसमें एपस्टीन और ट्रंप ने, चीयरलीडर्स के साथ पार्टी की. इस पार्टी में ट्रंप, एपस्टीन से कहते हैं कि, “देखो वो कितनी हॉट लड़की है”
लोलिता एक्सप्रेस से ट्रंप ने 7 बार यात्रा की (Lolita Express Trump)
एपस्टीन के विमान का नाम लोलिता एक्सप्रेस था. इस विमान का उपयोग एपस्टीन किशोर लड़कियों को लाने के लिए करता था. इस विमान की उड़ानें अधिकतर पाम बीच और न्यूयॉर्क के बीच होती थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने इस विमान में 7 बार यात्रा की थी.

इस बारे में डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने कभी भी एपस्टीन के आइलैंड का ना तो टूर किया ना ही कोई गलत काम.
पहली बार एपस्टीन पर लगा यौन शोषण का आरोप (Jeffrey Epstein Files)
साल था 2005 और जगह थी अमेरिका की फ्लोरिडा. वहां एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी के साथ एपस्टीन ने सेक्स का दबाव डाला.
महिला ने पुलिस को दिये अपने बयान में बताया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को मसाज कराने का बहाना देकर बुलाया गया था. जब वो वहां पहुंची तो उसपर सेक्स का दबाव डाला गया.
जब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की तो एक नहीं कम से कम 50 लड़कियां ऐसी आई. जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाये. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया और क्रिमिनल जांच शुरू किया.
पुलिस की जांच में ये पाया गया कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में कई शानदार विला हैं. जहां दुनिया भर के सबसे ताकतवर नेता और हस्तियां पार्टी करने आती हैं.
इन पार्टियों में रौनक भरने के लिए एपस्टीन कम उम्र की लड़कियों को यहां पर प्राइवेट प्लेन से बुलाता था. इसमें उसकी पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल भी साथ देती थी. हालांकि एपस्टीन का रसूख इतना था कि उसे सिर्फ 13 महीने की सजा हुई. इसमें भी वो दिन में जेल से बाहर काम के लिए आ सकता था.
‘मी टू’ मूवमेंट ने ले डूबा एपस्टीन की शोहरत (MeToo Movement Epstein)
2009 में जेल से बाहर आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा. 2017 में शुरू हुआ मी टू मूवमेंट ने एक बार फिर उसे चर्चा में ला दिया. दरअसल न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ काम के बदले सेक्स की मांग करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट छापी.
इस रिपोर्ट में बताया गया कि वाइंस्टीन ने कई अभिनेत्रियों, मॉडल्स और पर्व कर्मचारियों का यौन शोषण किया है. आरोप लगाने वाली इन महिलाओं की संख्या 80 से भी ज्यादा थी. इन महिलाओं में फेमस एक्ट्रेस एंजेलीना जोली, उमा थरमन जैसी टॉप एक्ट्रेसेस भी थी.
वर्जीनिया ग्रिफे के बयान पर मच गया बवाल
इन्हीं में से एक लड़की थी वर्जीनिया ग्रिफे. उसने एपस्टीन पर आरोप लगाते हुए बताया कि एपस्टीन ने 3 सालों तक उसका यौन शोषण किया. जिसके बाद करीब 80 लड़कियों ने एपस्टीन के खिलाफ ये आरोप लगाते हुए शिकायत की.
एपस्टीन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था. पुलिस ने 6 जुलाई 2019 में न्यूयॉर्क में एपस्टीन को गिरफ्तार कर लिया. एपस्टीन 23 जुलाई को अपने सेल में बेहोश मिला. बताया गया कि एपस्टीन के गले पर गहरे निशान थे. जिसको देखकर माना गया कि किसी ने एपस्टीन की जान लेने की कोशिश की.
उसके बाद उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई. फिर दिन आया 10 अगस्त 2019. उस दिन एपस्टीन अपनी सेल में मृत पाया गया. आधिकारिक रिपोर्ट में बताया गया कि एपस्टीन ने आत्महत्या की, लेकिन जांच अधिकारियों और एक्सपर्ट्स ने इसपर सवाल उठाये.
आधिकारिक रिपोर्ट पर क्यों उठे सवाल
उनका कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब एपस्टीन की गर्दन की हड्डियां टूटी मिली हैं. तो ये कैसे आत्महत्या का मामला हो गया. ऐसी चोटें तभी आती हैं जब किसी का गला घोंटा गया हो.

हैरानी की बात है कि जिस दिन एपस्टीन की मौत हुई. उस दिन सेल के बाहर के सीसीटीवी कैमरे खराब थे. और फुटेज गायब थी. जिसके बाद जस्टिस डिपार्टमेंट और FBI पर आरोप लगे कि उन्होंने जानबूझकर एपस्टीन की सुरक्षा कमजोर की थी (FBI Coverup Epstein). हैरानी की बात है कि, उस दिन जेल में तैनात गार्ड सो रहे थे. कई अहम फाइलें और सबूत गायब थे.
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इलॉन मस्क ने क्या किया दावा?
5 जून को इलॉन मस्क ने दावा किया था कि एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप का भी नाम है. इस वजह से वो फाइल्स को सार्वजनिक नहीं कर रहे (Trump Epstein Scandal).
2019 से लेकर 2025 तक कुल तीन भागों में कुछ रिपोर्ट्स सार्वजनिक किए गए थे. जिसमें बिल क्लिंटन और प्रिंस एंड्रयू जैसे ताकतवर और वैश्विक हस्तियों के नाम निकले थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले.
– भारत एक्सप्रेस
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