Nicholas Maduro India Connection: वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो इन दिनों न्यूयॉर्क की जेल में सलाखों के पीछे हैं. 3 जनवरी की वह सुबह वेनेजुएला के इतिहास के लिए किसी बड़े भूकंप से कम नहीं थी, जब अमेरिकी सेना ने राजधानी काराकास पर धावा बोलकर मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन राजनीति और गिरफ्तारी की इन खबरों के बीच मादुरो के बारे में एक ऐसी बात सामने आई है, जो हर भारतीय को हैरान कर देगी.
अक्सर कट्टर और सख्त छवि में दिखने वाले मादुरो का भारत के साथ एक गहरा ‘आध्यात्मिक’ नाता रहा है. यह रिश्ता कूटनीति का नहीं, बल्कि आस्था का है, और इस आस्था का श्रेय जाता है उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को.
पुट्टपर्थी के प्रशांति निलयम से गहरा रिश्ता
बात साल 2005 की है, जब निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी भारत आए थे. वेनेजुएला के इस रसूखदार कपल ने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी का रुख किया और वहां स्थित ‘प्रशांति निलयम’ आश्रम पहुंचे. मादुरो कैथोलिक बैकग्राउंड से आते हैं, लेकिन सत्य साईं बाबा के चमत्कारी व्यक्तित्व ने उन्हें अपना मुरीद बना लिया था.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पुरानी तस्वीर आज फिर चर्चा में है, जिसमें मादुरो अपनी पत्नी के साथ जमीन पर बैठकर सत्य साईं बाबा का आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कहा जाता है कि मादुरो की आस्था इतनी गहरी थी कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने अपने ऑफिस (मीराफ्लोरेस पैलेस) में साइमन बोलिवर और ह्यूगो चावेज जैसी महान हस्तियों के साथ सत्य साईं बाबा की तस्वीर लगा रखी थी.
वेनेजुएला में राष्ट्रीय शोक
मादुरो का साईं बाबा के प्रति प्रेम सिर्फ निजी नहीं था, बल्कि इसका असर पूरे वेनेजुएला पर दिखा. जब 2011 में सत्य साईं बाबा का निधन हुआ, तो वेनेजुएला की संसद में बाकायदा शोक सभा बुलाई गई और एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई. खुद वहां के विदेश मंत्री श्रद्धांजलि देने भारत पहुंचे थे.
आज लैटिन अमेरिका में वेनेजुएला शायद इकलौता ऐसा देश है जहां साईं बाबा के अनुयायी इतनी बड़ी संख्या में हैं. दिलचस्प बात तो यह है कि 2024 के नेशनल डे के इन्विटेशन कार्ड पर वेनेजुएला सरकार ने ‘ऊँ’ का प्रतीक चिन्ह छपवाया था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था.
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“उनकी रोशनी हमें रास्ता दिखाए”
गिरफ्तारी से ठीक कुछ समय पहले, नवंबर 2025 में भी मादुरो ने अपनी आस्था का इजहार किया था. उन्होंने एक संदेश में कहा था, “मैं हमेशा उन्हें याद करता हूं और उम्मीद करता हूं कि उनकी रोशनी हमारे जीवन को हमेशा प्रकाशित करती रहे.”
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-भारत एक्सप्रेस
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