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यमन में मौत की सजा पाने वाली केरल की नर्स निमिषा प्रिया के मामले में सुप्रीम कोर्ट 14 अगस्त को करेगा सुनवाई

केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट 14 अगस्त को सुनवाई करेगा. यमन की शीर्ष अदालत ने फांसी की सजा बरकरार रखी है. केंद्र सरकार और वकील लगातार रिहाई की कोशिश कर रहे हैं.

Nimisha Priya

निमिषा प्रिया

Edited by Radha Priya

यमन में मौत की सजा पाने वाली केरल की नर्स Nimisha Priya की मौत की सजा के खिलाफ दायर याचिका पर Supreme Court 14 अगस्त को सुनवाई करेगा. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिका पर सुनवाई कर रही है.

मामले की सुनवाई के दौरान प्रिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आर बसंत ने संगठन के सदस्यों को पीड़ित परिवार से बातचीत करने के लिए यमन जाने की अनुरोध किया है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि फिलहाल फांसी पर रोक लग गई है. हम भारत सरकार के सभी प्रयासों के लिए आभारी हैं. लेकिन हमें वहां जाना होगा.

एक इस्लामी धर्मगुरु थे जिन्होंने हस्तक्षेप किया किया था. वही केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम चाहते है कि कुछ उल्टा हो.हम चाहते हैं और यह महिला सुरक्षित बाहर आ जाए.

निमिषा प्रिया के वकील बसंत ने कहा कि हम सरकार के सामने अपना पक्ष रखेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रिया की हर.संभव सरकार मदद कर रही है. याचिकाकर्ता ने कहा कि हमें पहले क्षमादान प्राप्त करना होगा, फिर ब्लड मनी का मुद्दा आएगा. पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंक्टरमणी ने कोर्ट को बताया था कि यमन सरकार से संपर्क किया गया, लेकिन कोई सकरात्मक परिणाम नही मिला.

उन्होंने कहा था कि इसको लेकर एक प्रभावशाली शेख से भी संपर्क किया गया, पर कोई लाभ नही हुआ. उन्होंने कहा था कि यमन सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है.

एजी ने कहा था कि हमने सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कहा क्योंकि ये संवेदनशील मामला है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा था कि यमन की स्थिति ऐसी है कि गुड़ समैरिटन (सहयोग देने वाले) लोग भी कुछ नहीं कर पा रहे है. हम अधिक मुआवजा देने को तैयार है.

निमिषा प्रिया की फांसी की सजा बरकरार

निमिषा प्रिया केरल के पलक्कर की रहने वाली है. इससे पहले निमिषा की मां प्रेमकुमारी दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है. मालूम हो कि यमन की शीर्ष अदालत ने निमिषा प्रिया की फांसी की सजा बरकरार रखी है. निमिषा प्रिया को 2017 में यमन के एक नागरिक की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था.

मामला कूटनीतिक जटिलताओं और कानूनी पेचीदगियों के कारण उलझ हुआ है, केंद्र सरकार के प्रयास के बावजूद कोई सफलता हाथ नही मिली है. यमन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दे दी जाएगी.

हालांकि निमिषा के पति टामी थामस का कहना है कि, हमें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. हमे इस बारे में केवल समाचार रिपोर्टों के माध्यम से पता चला है.

प्रिया को 2018 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर की हत्या का दोषी ठहराया गया था. तब से वह सना की केंद्रीय जेल में मौत की सजा काट रही हैं. पति परिवार के अलावा, निमिषा की बचपन की दोस्त विनीता राधाकृष्णन भी उनके साथ लंबी प्रार्थना कर रही हैं.

हुतियों के कब्जे वाले इस देश में सजा का प्रावधान एक ही है. वहां पर दोषी को गोली.मार दी जाती है. वैसे यमन के कानून में दोषी को पत्थर मार कर जान लेना, सरेआम फांसी पर लटकाना और सिर कलम करने जैसी सजा दी जा सकती है. 

सपनों के साथ यमन गईं निमिषा प्रिया

बता दें कि निमिषा प्रिया नर्सिंग ट्रेनिंग कोर्स पूरा करने के बाद 2011 में यमन चली गई थी. वह अपने माता-पिता को अच्छी जिंदगी देने के लिए वहां गई थी उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे.

प्रिया कई अस्पतालों में काम किया. इसके बाद खुद का क्लीनिक खोलने का फैसला किया. वह 2014 में तलाल अब्दो.महदी के संपर्क में आई थी.

तलाल ने निमिषा को यमन में क्लीनिक शुरू करने में उनकी मदद का वादा किया. उसके लगा कि जो उसने सपना देखा है वह  सच होने वाला है.

-भारत एक्सप्रेस



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