बेटे तेजस्वी यादव के साथ लालू यादव.
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से जुड़े मशहूर ‘लैंड फॉर जॉब्स’ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए स्पेशल जज विशाल गोग्ने ने तीन आरोपियों- मुस्तकीम अंसारी, लाल बाबू चौधरी और राजेंद्र सिंह-को कोर्ट में हाजिर होने का समन जारी किया है.
इन पर आरोप है कि इन्होंने लालू के परिजनों को पटना और आसपास के इलाकों में सात जमीन के प्लॉट सौंपे, बदले में रेलवे में ग्रुप डी नौकरियां दिलाई गईं. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, यह घोटाला 2004-2009 के दौरान लालू के रेल मंत्री रहते हुआ, जब परिवार ने AK Infosys जैसी कंपनियों के जरिए प्रॉपर्टी हथियाई.
सप्लीमेंट्री चार्जशीट और ED की जांच
ED की जांच में करीब 600 करोड़ रुपये के प्रॉसीड्स ऑफ क्राइम का खुलासा हुआ, जिसमें 350 करोड़ की अचल संपत्तियां और 250 करोड़ के लेन-देन शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बेटियां मीसा भारती, हेमा यादव और बेटे तेज प्रताप व तेजस्वी को जमीनें ‘गिफ्ट डीड’ के नाम पर मिलीं, जो बाद में बेच दी गईं.
हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि ED ने अगस्त 2024 में 11 आरोपियों के खिलाफ पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें लालू परिवार के करीबी अमित कत्याल भी नामजद हैं. सितंबर 2024 में कोर्ट ने लालू, तेजस्वी और तेज प्रताप समेत 16 लोगों को पहले ही समन जारी कर चुका है. CBI ने मई 2022 में केस दर्ज किया था, और राष्ट्रपति ने लालू के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी.
अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को
कोर्ट ने ED को चार्जशीट की कॉपी, दस्तावेज और अनरिलायड दस्तावेजों की लिस्ट आरोपी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. लालू के खिलाफ प्रॉसीक्यूशन सैंक्शन की कॉपी भी मुहैया कराई जाएगी. मामला 13 अक्टूबर को दैनिक आधार पर दस्तावेजों की जांच के लिए निर्धारित है. RJD नेता ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है, लेकिन ED का दावा है कि सबूत मजबूत हैं. यह कार्रवाई बिहार चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ा सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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