PM Ujjwala Yojana Rule Change
PM Ujjwala Yojana Rule Change: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को बड़ा झटका देते हुए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है. सरकार के इस फैसले के बाद अब उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को पहले की तुलना में कम सिलेंडरों पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा. हाल ही में तेल विपणन कंपनियों द्वारा 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है.
सरकार ने सब्सिडी वाले सिलेंडरों की घटाई संख्या
नए नियमों के अनुसार अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सालभर में केवल पहले चार रिफिल पर ही प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से मिलेगी. इससे पहले योजना के तहत लाभार्थियों को साल में नौ रिफिल तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता था. ऐसे में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटने से लाखों गरीब परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. सरकार का कहना है कि उज्ज्वला योजना वाले एक सामान्य परिवार में औसतन सालभर में करीब चार सिलेंडरों की खपत होती है. इसी आधार पर सब्सिडी को चार रिफिल तक सीमित करने का फैसला लिया गया है. हालांकि, इस बदलाव को लेकर कई उपभोक्ताओं ने चिंता व्यक्त की है और इसे गरीब परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है.
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सब्सिडी नियमों में हुए इस बदलाव के बाद क्या पड़ेगा फर्क
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को धुएं से मुक्त स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, योजना ने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके जरिए महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें सशक्त बनाने का भी प्रयास किया गया. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक योजना शुरू होने से अब तक देशभर में 10.5 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं. हालांकि, सब्सिडी नियमों में हुए इस बदलाव के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इसका लाभार्थियों और योजना की पहुंच पर क्या प्रभाव पड़ता है.
भारत एक्सप्रेस
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