श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के आनंद में तर-बतर होने के बाद अब ब्रजभूमि अपनी आराध्या, वृषभानु-दुलारी श्रीराधा के जन्मोत्सव के लिए पूरी तरह सज चुकी है. श्रीराधा हजारों साल पहले रावल ग्राम में यमुना किनारे अष्टमी के दिन कमल पुष्प पर प्रकट हुई थीं. कालगणना के अनुसार, इस बार 19 सितंबर को उनका 5254वां जन्मोत्सव है.
‘राधाष्टमी’ पर्व के लिए बरसाना के भानु-शिखर (ब्रह्मांचल पर्वत) पर स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘श्री लाडली जी मंदिर’ को पूरी भव्यता से सजाया जा रहा है. देश-विदेश से उमड़ रहे भक्तों की भीड़ को देखते हुए मथुरा जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा-प्रबंधन का अभेद्य खाका तैयार किया है.

राधानगरी में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब
राधानगरी बरसाना में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या हर साल रिकॉर्ड तोड़ रही है. अभी छाता, गोवर्धन और नंदगांव से बरसाना आने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगी हैं. कस्बे में स्थानीय स्तर पर जाम की समस्या रहती है, ऐसे में प्रशासन ने सभी बाहरी-भारी वाहनों, पर्यटकों की बसों और टैक्सियों को बरसाना की सीमा से 1 से 3 किलोमीटर पहले ही रोकने का निर्णय लिया है.
यहाँ कई एकड़ भूमि में अस्थाई पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहाँ से बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ई-रिक्शा और शटल सेवा की व्यवस्था की गई है.
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पहाड़ी गलियारों में सजीं सैकड़ों दुकानें
लाडली जी मंदिर जाने वाले मुख्य घुमावदार पहाड़ी रास्तों और गैलरियों में इस समय जबरदस्त चहल-पहल है. अष्टछाप पदों की मधुर गूंज के बीच दोनों ओर प्रसादी, सूखे मेवे, बूंदी के लड्डू, ब्रज की पोशाकें, इत्र, बांसुरी, फूल-मालाओं और युगल सरकार के मनोहारी चित्रों की ढेरों अस्थाई दुकानें सज चुकी हैं. भक्तों के कदम ‘राधे-राधे’ के जयकारों के साथ लगातार मंदिर की सीढ़ियों की ओर बढ़ रहे हैं.

वन-वे रूट और रैंप से निकासी व्यवस्था
मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए आगरा मंडल प्रशासन और मथुरा पुलिस ने सख्त प्रोटोकॉल लागू किया है:
एकल मार्ग (वन-वे सिस्टम): मुख्य सीढ़ियों के रास्ते केवल श्रद्धालुओं के प्रवेश की अनुमति होगी.
निकासी की व्यवस्था: दर्शन के उपरांत भक्तों को निकास के लिए नवनिर्मित रैंप वाले मार्ग से नीचे उतारा जाएगा ताकि प्रवेश और निकास की कतारें आमने-सामने न टकराएं.
होल्डिंग एरिया: जगमोहन और गर्भ-गृह के बाहर लोहे की स्थायी मजबूत बैरिकेडिंग की गई है. भीड़ का दबाव बढ़ते ही श्रद्धालुओं को नीचे होल्डिंग एरिया में रोक-रोककर दर्शन के लिए छोड़ा जाएगा.
वरिष्ठ नागरिकों और स्वास्थ्य सुरक्षा: पहाड़ी चढ़ने में असमर्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और डॉक्टरों की 10 से अधिक मोबाइल मेडिकल टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी.

लाइव स्ट्रीमिंग: घर बैठे करें लाडली जी के दर्शन
‘श्री लाडली जी मंदिर’ के एक पुजारी ने कहा कि जो श्रद्धालु अत्यधिक भीड़, अस्वस्थता या उम्र के कारण बरसाना नहीं पहुँच पा रहे हैं, उनके लिए प्रशासन व मंदिर सेवायतों द्वारा भव्य लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming) का प्रबंध किया जा रहा है. 19 सितंबर की भोर में होने वाले श्रीजी के पंचामृत महाभिषेक और बधाई गायन के दर्शन विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, यूट्यूब चैनल्स और धार्मिक टीवी चैनलों पर सीधे प्रसारित किए जाएंगे.
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