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NEET-UG पेपर लीक के बाद एक्शन में केंद्र सरकार: सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा

नीट विवाद के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर NTA में CISF सुरक्षा, बायोमेट्रिक चेकिंग और कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा समेत कई बड़े सुधारों की जानकारी दी है.

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ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा?

Edited by Vaibhav Gupta

NEET UG Paper Leak Case: नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल किया है. सरकार ने साफ किया है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और NTA को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं.

मिंटो रोड ऑफिस में परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर

सुरक्षा के मोर्चे पर NTA के मिंटो रोड स्थित नए दफ्तर (55,524 वर्ग फुट) में 39 CISF जवानों की तैनाती कर दी गई है. प्रवेश द्वार पर X-Ray बैगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर और मल्टी-लेयर बायोमेट्रिक व फेस ऑथेंटिकेशन लागू किया गया है.

इसके अलावा, पर्चा तैयार करने से लेकर ओएमआर शीट की वापसी तक के लिए सख्त SOP बनाई गई है. प्रश्नपत्रों की ट्रैकिंग QR कोड से होगी और सेंटर्स पर सीसीटीवी व मोबाइल जैमर लगाए जाएंगे. साइबर सुरक्षा के लिए CERT-In से इंडिपेंडेंट ऑडिट भी कराया जा रहा है.

क्या कंप्यूटर पर होगी NEET परीक्षा?

नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स इस संभावना पर विचार कर रही है कि क्या NEET-UG को पेन-पेपर मोड से बदलकर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) किया जा सकता है. इसमें ग्रामीण और कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों के छात्रों पर पड़ने वाले असर का भी ध्यान रखा जाएगा.

साथ ही, NTA में अधिकारियों का नया काडर तैयार किया जा रहा है. अगस्त 2026 में 14 वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं, जबकि विजिलेंस, साइबर सिक्योरिटी और टेस्ट मैनेजमेंट के लिए विशेषज्ञों की भर्ती जारी है.

‘कागज पर सब मजबूत’: सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी की, ‘कागज पर तो व्यवस्था बहुत मजबूत दिखती है, लेकिन इसे यूपीएससी (UPSC) की तरह बिना किसी विवाद के स्थायी रूप से संचालित करना होगा.’

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पर्चा सेट करते समय 4 अलग-अलग सेट तैयार किए जाते हैं और मॉडरेटर को भी नहीं पता होता कि कौन सा सेट छात्रों तक पहुंचेगा. बता दें कि डॉ. राधाकृष्णन समिति ने 21 अक्टूबर 2024 को 101 सिफारिशें सौंपी थीं और 27 जुलाई 2026 को गठित नई टास्क फोर्स इन सुधारों को लागू करा रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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