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Karnataka: कौन होगा कर्नाटक का मुख्यमंत्री ? मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुलाई बैठक, 3 ऑब्जर्वरों को किया गया नियुक्त

Karnataka: कांग्रेस के दो बड़े नेता इस पद के लिए दावेदार है, जिसको लेकर संशय बरकरार है कि कौन प्रदेश का मुख्यमंत्री होगा ?

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कर्नाटक में सीएम पर सस्पेंस खत्म

Karnataka Election: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद राज्य का अगला सीएम कौन बनेगा इस को लेकर माथापच्ची लगी हुई है. प्रदेश का मुख्यमंत्री चुनने के लिए कांग्रेस ने आज अहम बैठक बुलाई है. आज शाम 6 बजे बेंगलुरु के शांगरी-ला होटल में ये बैठक बुलाई गयी है. कांग्रेस विधायक दल द्वारा एक प्रस्ताव पारित किए जाने की उम्मीद है, जो कांग्रेस अलाकमान को मुख्यमंत्री चुनने का फैसला करने के लिए छोड़ देगा.

कांग्रेस के दो बड़े नेता इस पद के लिए दावेदार है, जिसको लेकर संशय बरकरार है कि कौन प्रदेश का मुख्यमंत्री होगा. कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दोनों शीर्ष नेता इस पद के दावेदार हैं. चुनाव से पहले दोनों ही नेताओं के बीच में विवाद भी सामने आए थे. वहीं अगर विधायकों की बैठक में आपसी सहमति से बात नहीं तो पार्टी के भीतर अप्रिय गतिरोध की आशंका बढ़ सकती है.

घोषणा पत्र में योजनाओं को पूरा करने का किया वादा

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुशील कुमार शिंदे, जितेंद्र सिंह और दीपक बाबरिया को कर्नाटक के सीएलपी नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त किया है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कल शाम राज्य के दो शीर्ष पार्टी नेताओं के साथ एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राज्य के लोगों को जीत के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही पार्टी के घोषणापत्र में कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के वादे को जल्द लागू करने का वादा किया.

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कांग्रेस पार्टी ने इस बार चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की है. पार्टी ने 137 सीटें जीती हैं, जो 2018 की तुलना में 57 सीट अधिक है. वहीं कांग्रेस को 42.9 प्रतिशत के वोट शेयर मिला है. कांग्रेस इस स्कोर के सबसे करीब 1999 में आई थी जब उसने 132 सीटें जीती थीं और उसका वोट शेयर 40.84 प्रतिशत था. 1989 में पार्टी ने 43.76 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 178 सीटें जीती थीं.

– भारत एक्सप्रेस



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