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विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार




भारत एक्सप्रेस


History of Modern Yoga: स्वामी शिवानंद से लेकर बी.के.एस. अयंगार तक, जानिए 20वीं सदी के उन महान योग गुरुओं की कहानी जिन्होंने योग और ध्यान को भारत की सीमाओं से निकालकर पूरी दुनिया का लाइफस्टाइल बना दिया.

विश्व साहित्य के दिग्गज लेखक सलमान रुश्दी के जन्मदिन के अवसर पर उनकी नई कृति 'आखिरी घड़ी' चर्चा में है. पांच कहानियों के इस संग्रह में मृत्यु, विरासत, पहचान, विदाई और जीवन की अंतिम सच्चाइयों जैसे विषयों की गहन पड़ताल की गई है.

डॉ. कमला सोहनी भारत की पहली महिला वैज्ञानिक थीं जिन्होंने विज्ञान विषय में पीएचडी हासिल कर इतिहास रचा है.

Ram Manohar Lohia: 18 जून 1946 को राम मनोहर लोहिया ने गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ सत्याग्रह की शुरुआत कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी. उनकी गिरफ्तारी के बाद गोवा में जनआंदोलन तेज हुआ, जिसने अंततः 1961 में गोवा मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया.

World Desertification Day: विश्व मरुस्थलीकरण दिवस पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् पीपल बाबा की नई किताब 'पीपल की छांव में' लॉन्च हुई है. ढाई करोड़ से अधिक पेड़ लगा चुके पीपल बाबा की यह किताब बंजर धरती को हरा-भरा बनाने और सूखा संकट से निपटने का एक बड़ा संदेश देती है.

भारतीय वायुसेना की मेडिकल ऑफिसर गीता चंद्रा ने 17 जुलाई 1959 को डकोटा विमान से पहली सफल पैराशूट छलांग लगाकर इतिहास रचा था. वह भारत की पहली महिला पैराट्रूपर बनीं. रंगपुर में जन्मीं गीता ने उस दौर में पैरा-ट्रूपिंग की कठिन और जोखिमभरी ट्रेनिंग को चुना.

इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ ने एक बार फिर 1947 के विभाजन के उस दर्द को ताजा कर दिया है, जिसे लाखों लोगों ने अपनी जिंदगी में झेला था.

First Female Astronaut: 16 जून 1963 को वेलेंटीना तेरेश्कोवा अंतरिक्ष में जाने वाली दुनिया की पहली महिला बनीं. जानिए उनके वोस्टोक-6 मिशन, उपलब्धियों और प्रेरणादायक जीवन की पूरी कहानी.

मणिबेन पटेल, सरदार वल्लभभाई पटेल की पुत्री, स्वतंत्रता संग्राम की निडर सेनानी और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाली राजनेता थीं. उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन, सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन में सक्रिय भाग लिया. उनकी डायरी “Inside Story of Sardar Patel” स्वतंत्रता संग्राम के अनकहे पहलुओं को उजागर करती है.

साल 1991 का आर्थिक संकट भारत के इतिहास का वह मोड़ था, जब देश का विदेशी मुद्रा भंडार मात्र दो हफ्ते के आयात जितना बचा था. दिवालिया होने से बचने के लिए भारत को बैंक ऑफ इंग्लैंड और स्विस बैंक में 67 टन सोना गिरवी रखना पड़ा था.