विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
‘प्रख्यात गल्पकार’: वामपंथी-नेहरूवादी इतिहास-लेखन के कथित पूर्वाग्रहों और आधा सच की तीखी पड़ताल
वरिष्ठ पत्रकार उत्पल कुमार की नई पुस्तक 'प्रख्यात गल्पकार' (Eminent Distorians) ब्रिटिश काल से लेकर आधुनिक भारत तक के वामपंथी-नेहरूवादी इतिहास-लेखन में किए गए कथित बदलावों और चयनात्मक तथ्यों की तीखी समीक्षा करती है
मंच नहीं, जंगल चुना! अरावली की छांव में पौधे लगाते हुए लॉन्च हुई ‘पीपल बाबा’ की नई किताब
गुरुग्राम के अरावली जंगल में पेड़ों के बीच जब स्वामी प्रेम परिवर्तन की किताब ‘पीपल की छाँव में’ का लोकार्पण किया गया, तो यह सिर्फ एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति के साथ एक भावनात्मक संवाद जैसा महसूस हुआ.
बदलाव की चाह, आज़ादी की मांग और फिर… बिछ गईं हज़ारों लाशें; बीजिंग की उस रात का वो सच जिसे आज भी छिपाता है चीन
4 जून 1989 की रात बीजिंग के थियानमेन चौक पर जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हिला दिया था. यह वही जगह थी जहां हजारों छात्र और आम नागरिक शांतिपूर्वक इकट्ठा होकर अपने देश में लोकतंत्र, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और अभिव्यक्ति की आज़ादी की मांग कर रहे थे.
नक्शे पर लकीर से नहीं, इंसानी लाशों पर बना पाकिस्तान; जानिए क्या था अंग्रेजों का ‘3 जून प्लान’
3 जून 1947 को ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबैटन ने भारत के विभाजन की आधिकारिक योजना पेश की थी, जिसे '3 जून प्लान' कहा जाता है. इसी के तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के गठन की तारीख तय हुई.
भारत क्यों निशाने पर? पुस्तक – वैश्विक नैरेटिव युद्ध और आंतरिक चुनौतियों का प्रामाणिक दस्तावेज़
New Book on India: भारत के खिलाफ चल रहे नैरेटिव वॉरफेयर, इतिहास के विकृतीकरण, जनसांख्यिकीय चुनौतियों और हाइब्रिड युद्ध की पड़ताल करती है यह पुस्तक.
बिहार के लाल का कमाल! गया के शुभम कुमार बने देश के टॉपर, AIR-1 लाकर रचा इतिहास
बिहार के गया जिले के शुभम कुमार ने जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल कर इतिहास रच दिया है.
नारायणहिटी पैलेस नरसंहार: एक जिद, तीन बंदूकें और चंद मिनटों में खत्म हो गया नेपाल का पूरा शाही परिवार
1 जून 2001 को नेपाल के नारायणहिटी राजमहल में क्राउन प्रिंस दीपेंद्र शाह ने प्रेम विवाह की अनुमति न मिलने और पारिवारिक विवाद के चलते अंधाधुंध गोलीबारी कर अपने पिता राजा बीरेंद्र और मां रानी ऐश्वर्या सहित राजपरिवार के 9 सदस्यों की हत्या कर दी थी.
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्मजयंती: पढ़िए एक साधारण लड़की से रानी बनने की कहानी, काशी विश्वनाथ मंदिर का कराया पुनर्निर्माण
Ahilyabai Holkar Jayanti: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर जानिए उनके साधारण लड़की से रानी बनने, कुशल न्याय व्यवस्था और काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी.
देश के पहले अखबार ‘उदंत मार्तंड’ से डिजिटल युग तक: हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा पर मृणाल पांडे का विश्लेषण
First Hindi Newspaper Udant Martand: उदंत मार्तंड से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता की 200 साल की यात्रा पर मृणाल पांडे की पुस्तक अतीत, वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सार्थक विश्लेषण प्रस्तुत करती है.
कूड़े से कमाएगा भारत! 2047 तक मिलेगा 26 लाख लोगों को रोजगार, जानिए कैसे ‘गीला कचरा’ खोलेगा 4.2 लाख करोड़ की तिजोरी
भारत के शहरों में बढ़ता जैविक कचरा अब सिर्फ सफाई की चुनौती नहीं, बल्कि रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा और बड़े आर्थिक अवसर का जरिया बन सकता है.







