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World Bank operations MD Anna Bjerde: भारत अपनी मजबूत आर्थिक नीतियों और वैश्विक व्यापार साझेदारियों के माध्यम से 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन सकता है, बशर्ते वह महिला श्रम बल में वृद्धि और उत्पादकता में सुधार करे.

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण जारी हुआ. रिपोर्ट में 7.06% विकास दर, बेरोजगारी में गिरावट, पर्यटन में रिकॉर्ड वृद्धि और निवेश में उछाल दिखाया गया है.

Job Market in India: GCCs में भर्ती 27% बढ़ने का अनुमान है, जो IT कंपनियों से आगे निकलने की संभावना को दर्शाता है. ER&D क्षेत्रों में खास वृद्धि होगी, जबकि IT कंपनियों में भर्ती धीमी रहेगी.

एशिया के जॉब्स और टैलेंट प्लेटफॉर्म फाउंडिट (पूर्व में मॉन्स्टर एपीएसी और एमई) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में फ्रेशर्स की नियुक्ति में साल-दर-साल आधार पर 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो प्रवेश स्तर की प्रतिभा के लिए नियोक्ता की निरंतर मांग को दर्शाता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सक्रिय ऋण वाली महिला उधारकर्ताओं की संख्या दिसंबर तक 10.8 प्रतिशत बढ़कर 8.3 करोड़ हो गई, जो पुरुषों के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक थी.

मार्च 2024 में ग्रामीण टेली-घनत्व 59.19% तक पहुंच गया है. यह वृद्धि भारत के विविध भौगोलिक क्षेत्रों में बढ़ते डिजिटल समावेशन को इंगित करती है. सरकार का डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना इस क्षेत्र में प्रमुख विकास को गति दे रही है.

जॉब सर्च प्लेटफॉर्म फाउंडइट द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया कि फरवरी में फ्रेशर्स की भर्तियों में एक अलग ट्रेंड देखने को मिला. जहां नियोक्ता अब डिग्री की अपेक्षा स्किल्स, सर्टिफिकेशन और उद्योग विशेष स्किल को अधिक महत्व दे रहे हैं.

सुबह करीब 9.30 बजे सेंसेक्स 106.98 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,233.11 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 16.25 अंक या 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,528.45 पर था.

जॉब और प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म अपनाडॉटको के मुताबिक, छोटे शहरों से नौकरी की तलाश करने वाली महिलाओं की संख्या 2021 और 2024 के बीच चार गुना बढ़ गई है. इन क्षेत्रों से नौकरी के आवेदन भी तीन गुना बढ़ गए हैं, जो 2024 में 1.28 करोड़ तक पहुंच गए हैं.

रिपोर्ट में भारत के 16 विशेष रासायनिक उप-खंडों में प्रमुख योगदान पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें स्वाद, सुगंध, भोजन और पोषण-आधारित रसायन शामिल हैं.