केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 8 दिसंबर तक प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत सड़क विक्रेताओं को कुल 13,422 करोड़ रुपये के 94,31,000 ऋण वितरित किए हैं, जैसा कि राज्यसभा में सोमवार को जानकारी दी गई. आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने एक लिखित उत्तर में बताया कि 94,31,000 में से 40,36,000 ऋण सड़क विक्रेताओं द्वारा चुका दिए गए हैं.
यह माइक्रो-क्रेडिट योजना शहरी सड़क विक्रेताओं के लिए है, जो कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई थी. इस योजना के तहत 50,000 रुपये तक बिना किसी संपत्ति के गारंटी वाले ऋण प्रदान किए जाते हैं.
अब तक कोई धोखाधड़ी की शिकायतें नहीं आई
मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री सड़क विक्रेता आत्मनिर्भर निधि (स्वनिधि) योजना के तहत ऋण वितरित करने वाली एजेंसियों या कंपनियों के खिलाफ अब तक कोई धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें नहीं आई हैं. उन्होंने लिखा, “08.12.2024 तक प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 94,31,000 ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 13,422.16 करोड़ रुपये है. इनमें से 40,36,000 ऋण सड़क विक्रेताओं द्वारा चुका दिए गए हैं.”
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सभी राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया
सभी राज्यों को उनके आकार के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है – बड़े राज्य, पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य, छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश. साहू ने कहा कि प्रत्येक राज्य को उनके आकार और श्रेणी के अनुसार वितरित लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर उनकी प्रदर्शन की माप और रैंकिंग की जाती है. इस वर्ष जुलाई में, मध्य प्रदेश ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत ‘श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया. इसके बाद, असम ने ‘श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य- नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए पुरस्कार’ श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया.
-भारत एक्सप्रेस
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