Pawan Singh join BJP: बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. मंगलवार को बीजेपी में पवन सिंह की घर वापसी ने इस सियासी बयार को और तेज कर दिया. उन्होंने पहले दिल्ली में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की. उसके बाद भारत के गृहमंत्री अमित शाह से भी मिले. इस दौरान पवन सिंह के साथ भाजपा नेता विनोद तावड़े और ऋतुराज सिन्हा भी मौजूद रहे. बता दें कि विनोद तावड़े बिहार संगठन प्रभारी भी हैं. पवन सिंह और अमित शाह के बीच यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली.
हालांकि अमित शाह के घर से निकलने के बाद पवन सिंह ने मीडिया से दूरी बनाये रखी. इस मुलाकात के बाद चुनावी पंडित यह अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार पवन सिंह बीजेपी के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं.

पवन सिंह की घर वापसी
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की घर वापसी के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि पवन सिंह भाजपा के टिकट पर इस बार का विधानसभा चुनाव में अपना दम दिखाने उतर सकते हैं.
अमित शाह से मिलने से पहले उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात
पवन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलने से पहले RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से उनके आवास पर मुलाकात की. दरअसल पवन सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय बिहार के काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. इसी सीट पर एनडीए की तरफ से उपेंद्र कुशवाहा भी मैदान में थे. पवन सिंह की लोकप्रियता की वजह से एनडीए वोटों में बंटवारा हो गया और उपेंद्र कुशवाहा लोकसभा चुनाव हार गए. जिसके बाद उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा के रास्ते संसद भेजा गया. माना जा रहा है कि पवन सिंह का उपेंद्र कुशवाहा से मिलना एक तरह से शांति समझौता है.

उपेंद्र कुशवाहा से लिया आशीर्वाद
वहीं बिहार बीजेपी के संगठन प्रभारी विनोद तावड़े ने मीडिया से कहा कि पवन सिंह भाजपा के साथ हैं. आगामी चुनावों में वो सक्रिय रूप से एनडीए के लिए काम करेंगे. उन्होंने इसको लेकर उपेंद्र कुशवाहा से आशीर्वाद लिया है.
गौरतलब है कि बीजेपी ने पहले बंगाल के आसनसोल लोकसभा सीट से पवन सिंह को चुनावी मैदान में उतारा था. पवन सिंह को आसनसोल लोकसभा सीट से टिकट मिलने के बाद कांग्रेस ने पवन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कांग्रेस का कहना था कि पवन सिंह अपने म्यूजिक एल्बम में बंगाल की महिलाओं को फूहड़ और अभद्र दिखाया है. दबाव बढ़ता देख बीजेपी ने उन्हें चुनावी मैदान से हटने का दबाव डाला. जिसके बाद पवन सिंह ने बिहार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई जिसे पार्टी ने साफ मना कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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