2026 की शुरूआत हुए अब दस दिन हो चुका है और राजनेताओं के बयानों के वीडियो के वायरल होने का सिलसिला भी इसके साथ शुरू हो चुका है. इस बार इस वायरल होने की सूची में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का नाम जुड़ चुका है. 32 सेकेंड के इस वीडियो में उन्हें दिल्ली धमाकों और आरएसएस (RSS) को लेकर कुछ बेहद आपत्तिजनक बातें कहते हुए दिखाया गया है. लेकिन क्या सच में उन्होंने ऐसा कुछ कहा है आइए जानते है पूरी सच्चाई.
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी यूजर ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि राजनाथ सिंह ने स्वीकार किया कि दिल्ली की घटना में मुस्लिम युवाओं को गुमराह करने में आरएसएस के कुछ भ्रष्ट नेताओं का हाथ था. भारत भर में आतंकवाद फैलाने में आरएसएस की संलिप्तता को लेकर किसी वरिष्ठ भारतीय अधिकारी द्वारा यह पहली बार उच्च स्तरीय स्वीकारोक्ति है. मोदी को इस्तीफा देना चाहिए.
#Field_Marshal
Breaking:
Rajnath Singh admits that rogue RSS leaders were involved in manipulating Muslim youth in Delhi incident. This is the first ever high level confession from a senior Indian official in RSS involvement in spreading terrorism across India.
Modi must resign pic.twitter.com/bmqinkj8nP— ArielIntel (@Skyline_Intel) January 2, 2026
वहीं, वीडियो में राजनाथ सिंह को यह बोलते हुए दिखाया गया है कि आज हमारे देश में क्या हो रहा है. कुछ बिगड़े आरएसएस के कट्टरपंथी हमारे मुस्लिम युवाओं को स्टेट के खिलाफ भड़का रहे हैं. जब हमने दिल्ली धमाके की जांच की, तो पता चला कि जो मुस्लिम डॉक्टर पकड़े गए थे, वह बस एक मोहरा थे. असली समस्या यह है कि उनके पीछे बिगड़े हुए आरएसएस कट्टरपंथी थे. हमारा समाज उनकी गिरफ्त में आ रहा है. मैं उन्हें चेतावनी दे रहा हूं कि वे आरएसएस की विचारधारा के अनुसार चलें.
अब इसे कई अन्य यूजर इसी दावे के साथ आगे शेयर कर रहे है.
जांच ने क्या बताया?
इतने बड़े दावे को देखते हुए हमारी भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने वीडियो की पुष्टि के लिए पड़ताल शुरू की. गहराई से जांच करने पर पता चला कि यह क्लिप राजनाथ सिंह के 2 जनवरी 2025 को राजस्थान के उदयपुर में दिए गए एक भाषण का हिस्सा है. वे वहां ‘भूपाल नोबल्स संस्थान’ के स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे.
वहीं, जांच में मिली भाषण की असली वीडियो में राजनाथ सिंह दरअसल दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाकों का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने उसमें कहा था कि जांच में कुछ ‘व्हाइट कॉलर’ अपराधी पकड़े गए, जिनमें से एक डॉक्टर था. उन्होंने संस्कार और शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि उस डॉक्टर की पर्ची पर ‘Rx’ होना चाहिए था, लेकिन उसके पास ‘RDX’ मिला.
बिगड़ा हुआ लिप-सिंक
जांच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने जब एआई टूल्स के जरिए वीडियो की जांच में टूल्स ने इस वीडियो की 94% आवाज नकली और एआई द्वारा बनाए जाने की पुष्टि की. वहीं, वीडियो में लिप-सिंकिंग और आवाज का तालमेल भी कई जगह बिगड़ा हुआ पाया गया.
बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की ओर से ऐसी ही हरकत की गई है. भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत अब तक 1,400 से ज्यादा ऐसे यूआरएल (URL) और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया है जो सीमा पार से भारत विरोधी जहर उगल रहे थे. हाल के महीनों में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के भी डीपफेक वीडियो बनाकर इसी तरह का प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की गई थी.
इस जांच से ये बात साफ हो जाती है कि रक्षा मंत्री का यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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