भोजपुरी इंडस्ट्री के सिंगर Khesari Lal Yadav अक्सर अपने गानों और फिल्मों के लिए चर्चा में बने रहते है. इस साल वो बिहार चुनाव में भी खड़े हुए, जिसके कारण वो और भी ज्यादा चर्चित रहे. हालांकि, अपने जन्मभूमी छपरा की सीट से खड़े होने के बावजूद वो जीत नहीं पाएं. इस बीच वो उनकी एक तस्वीर खूब वायरल चल रही है, जिसके चलते वो एक बार फिर चर्चा के पात्र बन गए है. इस तस्वीर से दावा किया जा रहा है कि वो छपरा एम्स को 20 बीघा जमीन दान कर रहे है. लेकिन इस तस्वीर के पीछे की सच्चाई कुछ और ही है. आइए जानते हैं की क्या है सच.
क्या हो रहा वायरल?
दरअसल, खेसारी लाल यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 छपरा से आरजेडी के टिकट पर लड़े थे, लेकिन बीजेपी की छोटी कुमारी ने उन्हें हरा दिया था. चुनाव के दौरान राम मंदिर को लेकर दिए गए उनके बयान काफी वायरल हुए थे. पवन सिंह ने उन्हें राम विरोधी बताया था, जिसका एक जवाबी वीडियो जारी कर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया था. उस वीडियो में खेसारी ने कहा था कि वो अपना घर तुड़वाकर AIIMS बनवाएंगे.
अब इसी से जोड़ते हुए उनकी कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें वो कुछ लोगों को एक पेपर देते नजर आ रहे है. इन्ही तस्वीरों को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि खेसारी ने छपरा में अस्पताल बनवाने के लिए 20 बीघा जमीन दान की हैं.

इन तस्वीरों को कई फेसबुक यूजर ने इसी दावे के साथ शेयर किया है. एक यूजर ने तो ये भी लिखा कि “अब जरा बताइए, ‘रिंकिया के पापा’, ‘लहंगा रिमोट से उठाने’ वाले और ‘चुनावी स्टार नाच-मंडली’. आजकल किस बिल में मौन साधकर बैठे हैं? दिखावा करने वालों को समझ लेना चाहिए. खेसारी ही असली जनसेवक असली नेता है, बाकी सब रील और रेटिंग मात्र.”
जांच में सच्चाई आई सामने
वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया. हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
इतने बड़े दावे के साथ तस्वीर के वायरल होने पर हमारी भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने इसकी पुष्टि जरूरी समझी. इसके लिए सबसे पहले टीम ने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज से सर्च किया, लेकिन ऐसे किसी भी दावे से जुड़ा कोई विश्वसनीय सोर्स नहीं मिला. इसके बाद टीम ने खेसारी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला पर वहां भी इससे जुड़ी कोई पोस्ट या वीडियो नहीं मिली.
वहीं, वायरल तस्वीरों को ध्यान से देखने पर खेसारी के चेहरे की बनावट थोड़ी अटपटी लगी. इससे हमें तस्वीरों के एआई जेनरेटेज होने पर शक हुआ. इसी क्रम में टीम ने एआई डिटेक्शन टूल की मदद ली, जिसने इसके 99 प्रतिशत एआई निर्मित होने की संभावना बताई.
इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए, हमने अन्य वायरल तस्वीरों को ‘Undetectable’ टूल की मदद से सर्च किया. इस टूल ने भी वायरल तस्वीरों के एआई से बने होने की संभावना जताई. इसके बाद तस्वीरों को ‘हाइव मोडरेशन’ टूल पर भी सर्च किया, तो इसने भी फोटो के 91 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई.
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-भारत एक्सप्रेस
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