डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका अपने देश में घुसे अवैध प्रवासियों को धीरे-धीरे बाहर निकाल रहा है. ऐसे ही 104 भारतीय नागरिकों को लेकर अमेरिका का मिलिट्री C17 हवाई जहाज बीते बुधवार को अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. इन 104 लोगों में अधिकतर लोग उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, और गुजरात जैसे राज्यों से थे. इनमें से एक पंजाब के रहने वाले आकाशदीप सिंह का नाम भी शामिल है. कुछ दिन पहले आकाशदीप को अमेरिका में अरेस्ट कर लिया गया था. उन पर अमेरिका में अवैध तरीके से घुसने का आरोप था.
आकाशदीप के पिता कहते हैं कि उन्होंने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 60 लाख रुपये से अधिक खर्च किए हैं. भारत-पाकिस्तान सीमा के पास राजाताल गांव से ताल्लुक रखने वाले आकाशदीप को 23 जनवरी को अमेरिकी अधिकारियों ने पकड़ा था.
दुबई में बिताए सात महीने
आकाशदीप ने पहले दुबई में सात महीने बिताए. इसके बाद एक एजेंट की मदद से किसी तरह अमेरिका पहुंचे. हालांकि, उनके परिवार ने कहा कि वे गंभीर वित्तीय तनाव का सामना कर रहे थे, क्योंकि वे अपने बेटे को विदेश भेजने के कारण लिए गए भारी कर्ज से उबरने के लिए संघर्ष कर रहे थे.
आकाशदीप के पिता स्वरन सिंह ने बताया कि 12वीं पास करने के बाद उनके बेटे ने स्टडी परमिट पर कनाडा जाने की कोशिश की, लेकिन IELTS (आइल्ट्स) परीक्षा पास करने में असफल रहा. पिता ने बताया, “दो साल तक अपने स्कोर में सुधार करने में विफल रहने के बाद, आकाशदीप ने सात महीने पहले वर्क परमिट पर दुबई जाने का फैसला किया. हमने उसे भेजने के लिए ₹4 लाख खर्च किए. दुबई में, उसने ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम किया और वह हर महीने करीब ₹50,000 कमाता था. लेकिन वह अमेरिका जाना चाहता था, जिसके लिए उसने दुबई में एक एजेंट से संपर्क किया. सौदा ₹55 लाख में तय हुआ.”
परिवार ने कहा कि हम अपने पैसों के नुकसान के बावजूद खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं. हमारा बेटा सुरक्षित घर लौट आया है.”
जमीन बेचकर किया पैसों का इंतजाम
जब उनसे यह पूछा गया कि उन्होंने अपने बेटे को अमेरिका भेजने के लिए पैसे कैसे जुटाए तो स्वरन सिंह ने स्वीकार किया, “हमारे पास 2.5 एकड़ कृषि जमीन थी. यह हमारी आय का एकमात्र जरिया था. उसमें से हमने आकाशदीप की अमेरिका यात्रा के लिए दो एकड़ जमीन बेच दी. अब हमारे पास केवल आधा एकड़ जमीन बची है, जिससे हम अपना खर्च नहीं चला सकते,” उन्होंने कहा.
स्वरन सिंह ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि युवाओं के पास नौकरी की तलाश में विदेश जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए होते तो यह स्थिति पैदा नहीं होती. उन्हें इतना बड़ा जोखिम उठाकर विदेश नहीं जाना पड़ता.”
-भारत एक्सप्रेस
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