Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी 2026 को बजट पेश किया. 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के इस बजट में वित्त मंत्री ने कई सेक्टरों के विकास के लिए अपने खजाने खोले, लेकिन कई ऐसे भी सेक्टर हैं जिनको लेकर एक्सपर्ट्स निराश हैं. इन सेक्टर्स में ऑटो, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे और सर्विस सेक्टर महत्वपूर्ण हैं.
टेंशन में रिन्यूएबल एनर्जी
बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिन्यूएबल एनर्जी को 32,914.7 करोड़ रुपये दिया है. जो कि 2025-26 के बजट 25,301.22 करोड़ से 30 फीसदी ज्यादा है. वित्त मंत्री ने बजट में क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस किया है. इस बजट को जहां कुछ अर्थशास्त्री बेहतर बता रहे हैं, तो वहीं कुछ एक्सपर्ट को बजट से निराशा हाथ लगी है. खास तौर से इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स बेहद निराश हैं.
ग्रीन एनर्जी इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स का कहना है कि बजट में सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों को सॉल्व करने के लिए कुछ नहीं है. बजट भले ही क्लीन एनर्जी पर फोकस्ड है, लेकिन यह सिर्फ कार्बन कैप्चर तक सीमित है. जबकि ग्राउंड लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसिंग और पॉलिसी स्टेबिलिटी पर ध्यान नहीं दिया गया है.
सर्विस सेक्टर क्यों है निराश?
वित्त मंत्री ने बजट में सर्विस सेक्टर को युवाओं की ताकत बताया है. उन्होंने इसे ग्रोथ इंजन मानते हुए इस सेक्टर में जैसे टूरिज्म, नॉलेज बेस्ड सर्विस और डिजिटलीकरण में जॉब बढ़ाने की बात कही है, लेकिन इस क्षेत्र में कोई बड़ी राहत नहीं दी है.
बजट में युवाओं को ना तो टैक्स में राहत मिला है और ना ही जॉब क्रियेशन के लिए अलग से फंड जारी किया गया है. IT और आउटसोर्सिंग कंपनियों में AI को लेकर भय है, लेकिन स्किलिंग या फाइनेंशियली कोई मदद की गारंटी नहीं दी गई है.
मिडिल क्लास और सर्विस सेक्टर में काम करने वाले लोगों को टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई है.
रेलवे सेक्टर पटरी से उतरा!
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस बार बजट में रेल मंत्रालय को 2.93 लाख करोड़ रुपये जारी किया गया है. जो पिछले साल 2025-26 के 2.65 लाख करोड़ के मुकाबले 10 प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन रेलवे के बजट को लेकर लोग ज्यादा निराश हैं. इसका असर रेलवे शेयरों में भी दिखाई दिया. जैसे ही रेलवे से जुड़े बजट का ऐलान हुआ शेयर बाजारों में बिकवाली दिखने लगी. IRFC, RITES और RVNL जैसे कई रेलवे शेयरों में 5 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई.
रेलवे बजट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद रेलवे ने लोगों को निराश किया. लोग नई ट्रेनों के ऑर्डर, वंदे भारत ट्रेनों में बढ़ोतरी या सेफ्टी या टाइमिंग सुधार को लेकर पैसे आने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.
ट्रेनों में रोजाना भीड़, देरी और सेफ्टी की समस्या बनी हुई है, लेकिन बजट में इनपर ध्यान नहीं दिया गया.
ऑटो सेक्टर निराश!
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 को लेकर जो बजट पेश किया है उसमें ऑटो सेक्टर को निराशा हाथ लगी है. बिजट में बैट्री में उपयोग होने वाले लिथियम आयन सेल के निर्माण में लगने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क पर छूट दी गई है. जिससे सेल निर्माण की लागत पर कमी आएगी, जिसका असर EV वाहनों पर देखने को मिलेगा. लेकिन ऑटो सेक्टर को सरकार से इससे बेहतर की उम्मीद थी.
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बजट में ऑटो सेक्टर के लिए कोई नई घोषणा नहीं की गई. न तो PLI स्कीम बढ़ी न ही EV पर टैक्स कम हुआ. इसके अलावा चार्जिंग स्टेशन के लिए स्पेशल फंड पर भी जोर नहीं दिया गया.
इस बार ऑटो उद्योग को उम्मीद थी कि EV वाहनों, रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर टैक्स में छूट, वाहनों पर लगने वाले टैक्सों में कटौती की घोषणा की जाएगी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी.
-भारत एक्सप्रेस
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