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राज्यपाल द्वारा 8 विधेयकों को लंबित रखने के मामले पर कोर्ट का एक्शन, कहा- याचिका की कॉपी भेजे पश्चिम बंगाल सरकार

C. V. Ananda Bose: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने 8 विधेयकों को लंबित रखा है, जिसके खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

Supreme Court
Dipesh Thakur Edited by Dipesh Thakur

C. V. Ananda Bose: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस द्वारा विधेयकों को लंबित रखने के मामले में दायर पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर की गई मेंशनिंग के दौरान कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से याचिका की कॉपी मेल करने को कहा है. उसके बाद कोर्ट तय करेगा कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर याचिका पर कब सुनवाई की जाए. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने 8 विधेयकों को लंबित रखा है, जिसके खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है को सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को निर्देश दे कि वो लंबित 8 विधेयकों पर फैसला ले.

बता दें कि अप्रैल 2023 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया था कि राज्यपाल राज्य विधासनभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर अपनी सहमति देने में देरी कर रहे थे और उनसे आग्रह किया था कि वे संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत जनादेश को ध्यान में रखे, जो विधेयकों को जल्द से जल्द मंजूरी देने का कर्तव्य उन पर डालता है. तेलंगाना राज्य ने राज्य विधानमंडल द्वारा पारित 10 प्रमुख विधेयकों पर अपनी सहमति देने के लिए तत्कालीन राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

बता दें कि पंजाब, तमिलनाडु और केरल द्वारा भी इसी तरह की याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर की गई थीं. 10 नवंबर, 2023 को, कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि द्वारा राज्य विधानमंडल द्वारा पारित12 विधेयकों को सहमति देने से इनकार करने पर आपत्ति जताई थी. पंजाब सरकार की याचिका पर फैसला करते हुए, 23 नवंबर, 2023 को कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल केवल राज्य का एक प्रतीकात्मक प्रमुख है, और विधानसभाओं की कानून बनाने को शक्तियों को विफल नहीं कर सकता है.

-भारत एक्सप्रेस



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