ED Raid in Bengal: पिछले दों दिनों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. एक तरफ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दूसरी तरफ सरकारी एजेंसी ईडी की छापेमारी की खबरें सुर्खियों में हैं.
गुरुवार (8 नवंबर) को, कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी और इलेक्शन मैनेजमेंट कंपनी I-PAC के दफ्तर और उसके निर्देशक प्रतीक जैन के घर पर ईडी ने धनशोधन मामले में छापेमारी की. इस बीच सीएम ममता बनर्जी खुद I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं. जिससे मामला और तूल पकड़ गया.
कोर्टी में टली सुनवाई
इसी के साथ, मामला कोर्ट भी पहुंच गया है. TMC ने हाईकोर्ट से ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने और पार्टी के सभी गोपनीय दस्तावेज तुरंत वापस करने के निर्देश देने की मांग की है. इससे पहले दिन में, ED ने एक याचिका दायर की और दावा किया कि ये छापे ‘बंगाल कोयला खनन’ घोटाले से जुड़े थे और ममता पर आधिकारिक जांच में ‘बाधा डालने’ का आरोप लगाया है.
TMC और ED से जुड़े इस मामले की सुनवाई में भीड़ ज़्यादा होने की वजह से अफरा-तफरी मच गई. ऐसे में हाई कोर्ट ने 14 जनवरी तक के लिए सुनवाई टाल दी गई. जस्टिस शुभ्रा घोष के केस से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों से बाहर जाने के अनुरोध के बावजूद कोर्टरूम वकीलों से खचाखच भरा हुआ था. तनाव बढ़ने पर, जज ने हंगामे वाली स्थिति का हवाला देते हुए बिना सुनवाई किए ही कोर्टरूम छोड़ दिया.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJYM protests against CM Mamata Banerjee over yesterday’s incident, where she raised a protest against the Enforcement Directorate, following the raid on I-PAC. pic.twitter.com/WZV6v5nVqu
— ANI (@ANI) January 9, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ ममता बनर्जी ने आज यानी शुक्रवार को विरोध मार्च निकालने की का ऐलान किया है. उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और चुनावों से पहले TMC को डराने की कोशिश बताया.
ये भी पढ़ें: तुर्कमान गेट आफ्टर इफेक्ट: छावनी बना फैज-ए-इलाही का इलाका, आज क्या होगा?
ईडी का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके सहयोगी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सीएम ने छापेमारी के बीच जरूरी साक्ष्य साथ लेकर चली गई. उन्होंने यह भी कहा कि, CM ममता I-PAC के दफ्तर के बाद निर्देशक प्रतीक जैन के घर पर पहुंचीं और वहां से भी उनके सहयोगियों और पुलिस ने जबरदस्ती जरूरी दस्तावेज उठाए और साथ लेकर चले गए. इस पर पुरे मामले में ईडी ने कोलकता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
बंगाल कांग्रेस ने भी ईडी की छापेमारी का विरोध किया है. विपक्ष आए दिनों यह आरोप लगाता रहता है कि मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए उनके नेताओं को जानबूझकर और चुन-चुनकर निशाना बना रही हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




