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JPSC-JSSC विवाद पर पिघली बर्फ! 4 मंत्रियों संग 1.5 घंटे चली वार्ता, CM हेमंत सोरेन बोले- छात्रों के हर सुझाव का स्वागत

Hemant Soren Statement JPSC: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम को राज्य सरकार और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडडल के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई.

Hemant Soren Statement JPSC

Hemant Soren Statement JPSC

Hemant Soren Statement JPSC: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम को राज्य सरकार और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडडल के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई.

मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में हुई बैठक करीब डेढ़ घंटे चली, जो रात 9.25 बजे खत्म हुई. छात्र प्रतिनिधियों ने बातचीत को सकारात्मक बताया. हालांकि बातचीत अंतिम समझौते पर नहीं पहुंची है. छात्रों ने अंतिम रूप से समझौता होने और अपनी मांगें पूरी होने तक सत्याग्रह जारी रखने का निर्णय लिया है.

सरकार की पांच सदस्यीय टीम और छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच आमने-सामने बातचीत हुई. छात्रों ने अपनी मांगों का एक-एक बिंदु सरकार के सामने रखा. उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई. छात्रों ने कहा कि वे ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं.

मीटिंग में ये लोग रहे मौजूद

वार्ता में सरकार की ओर से चार मंत्री शामिल हुए. इनमें चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल थे. विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी बैठक में मौजूद रहे.

छात्र प्रतिनिधिमंडल में रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे.

मंत्रियों ने छात्रों की मांगों पर कहा कि सरकार छात्रों के एक-एक मुद्दे के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी. माना जा रहा है कि सरकार के चार मंत्रियों की कमेटी मुख्यमंत्री को छात्रों की मांगों से अवगत कराएगी. जल्द ही दूसरे दौर की वार्ता हो सकती है.

सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील

वार्ता से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर में कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है. सरकार छात्रों की हर बात सुनने को तैयार है. बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है. छात्रों के सवाल, सुझाव और जिज्ञासाएं खुलकर सामने आनी चाहिए. उनके सुझावों का सरकार स्वागत करेगी.

उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जा सकते हैं. संवाद किसी एक स्थान या सीमित समूह तक नहीं रहना चाहिए. राज्य के सभी छात्र अपनी राय रखें. उनके विचारों के आधार पर सरकार सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है.

छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने रखी शर्त

इससे पहले गुरुवार को सरकार और छात्रों के बीच प्रतिनिधिमंडल को लेकर गतिरोध था. सरकार ने केवल छात्रों से बातचीत की शर्त रखी थी. इसके बाद छात्रों ने अपना प्रतिनिधिमंडल बदलकर नई सूची सरकार को सौंपी. शुक्रवार को इसी 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई.

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वहीं, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ यह आंदोलन 14वें दिन भी जारी रहा. छात्र 14वीं जेपीएससी पीटी और जेएसएससी सीजीएल से जुड़े विवादों की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं. वार्ता के बाद अब आंदोलन के अगले रुख पर नजर है.

-भारत एक्सप्रेस



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