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MP News: इमरजेंसी के दौरान जेल गए सेनानियों को 30,000 रुपये प्रति माह देगी मध्य प्रदेश सरकार, CM शिवराज बोले- नेहरू खानदान के लिए लोकतंत्र सिर्फ मुखौटा

Shivraj Singh Chouhan: सीएम शिवराज सिंह चौहान यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि, “एक परिवार को सत्ता में बने रहना था. जब इंदिरा जी को लगा कि फैसला उनके खिलाफ आया है तो उन्होंने लोकतंत्र को कुचल कर रख दिया.”

मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान (फोटो ट्विटर)

MP Election 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नया दांव चला है. उन्होंने इमरजेंसी के दौरान जेल गए सैनानियों को 30 हजार रुपये प्रति महीना देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सैनानी अब दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में ठहर सकेंगे. प्रदेश में पीएम मोदी के दौरे से पहले सीएम शिवराज ने जनता को लुभाने के लिए की कई घोषणाएं करना शुरू कर दिया है. दरअसल मुख्यमंत्री निवास स्थान पर आज सोमवार को एक मीसाबंदियों (लोकतंत्र सेनानियों) के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया गया था. इस दौरान सीएम शिवराज ने यह घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सीएम ने नेहरू खानदान पर हमला बोलते हुए कहा कि वह लोकतंत्र के लिए सिर्फ एक मुखौटा है.

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि, “मैं भी एक स्वतंत्रता सेनानी हूं. जब कोई सत्ता के मद में चूर होता है तो सब भूल जाते हैं. आगे उन्होंने गांधी परिवार पर हमला करते हुए कहा कि आपातकाल में यही हुआ. अपने आपको बनाकर रखने के लिए संविधान का गला घोंट दिया गया”.

‘एक परिवार को सत्ता में रहना था’

सीएम शिवराज सिंह चौहान यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि “यह सब अंग्रेजों और मुगलों की तरह ही किया गया. एक परिवार को सत्ता में बने रहना था. जब इंदिरा जी को लगा कि फैसला उनके खिलाफ आया है तो उन्होंने लोकतंत्र को कुचल कर रख दिया. इसके बाद सेनानियों ने लगातार हिम्मत जुटाई और लड़ाई करने में जुट गए. उन पर लट्ठ पड़ते रहे, लेकिन उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी”.

लोकतंत्र सेनानियों के लिए की ये घोषणाएं

सीएम शिवराज सिंह ने घोषणा की कि अब लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) को अब सरकार 25 हजाप के बजाय तीस हजार रुपये महीना पेंशन मिलेगी. साथ ही लोकतंत्र सेनानी जिलों के विश्राम गृह में दो दिन तक पचास फीसदी शुल्क के साथ रुक सकेंगे. उनके फ्री इलाज की भी व्यवस्था की जाएगी. उनके परिचय पत्र बनेंगे. उनके दिवंगत होने पर दस हजार की आर्थिक सहायता तत्काल मिलेगी.

– भारत एक्सप्रेस



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