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Today Weather: मई का महीना शुरू हो चुका है और कुदरत के मिजाज में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है. एक तरफ जहां अप्रैल की विदाई झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई थी, वहीं मई की दहलीज पर खड़े होकर आसमान से राहत के साथ-साथ आफत भी बरस रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जो ताजा अपडेट जारी किया है, वो सुकून देने वाला भी है और डराने वाला भी. अगले 48 घंटे देश के एक बड़े हिस्से के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले हैं, लेकिन इसके बाद जो होने वाला है, उसके लिए आपको मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना होगा.
70KM की रफ्तार से आंधी और ओलों का प्रहार
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा समेत देश के करीब 11 राज्यों में भारी उथल-पुथल की चेतावनी दी है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मैदानी इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
ये रफ्तार इतनी खतरनाक है कि कमजोर दीवारें, बिजली के खंभे और पुराने पेड़ धराशायी हो सकते हैं. यूपी और बिहार के कई जिलों में तो भारी ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो इस वक्त किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है.
बरेली जैसे शहरों में तो ट्रेलर दिखना भी शुरू हो गया है. वहां बृहस्पतिवार की शाम को आई आंधी ने जमकर तबाही मचाई. कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बाउंड्री वॉल गिर गई. हालांकि बारिश से पारा 40 डिग्री से गिरकर 35 पर जरूर आया, लेकिन ये राहत अपने साथ बिजली संकट और जलभराव जैसी समस्याएं भी लेकर आई है.
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत का हाल
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को तो धूप खिली रहेगी, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि ये शांति तूफान से पहले वाली है. 2 मई से एक बार फिर मौसम यू-टर्न ले सकता है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन बीच-बीच में चलने वाली तेज हवाएं और बिजली की चमक उमस भरी गर्मी से राहत तो देंगी, पर आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी बढ़ा देंगी.
पहाड़ों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो गया है, जिससे मैदानी इलाकों की हवाओं में हल्की ठंडक महसूस हो रही है. लेकिन ये ठंडक सिर्फ दिखावा है, क्योंकि असली चुनौती अब शुरू होने वाली है.
8 से 12 दिनों तक चलेगी भयंकर लू
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 और 2 मई की ये बारिश सिर्फ एक ‘छोटा ब्रेक’ है. इसके बाद मई के पूरे महीने गर्मी अपना असली और सबसे क्रूर रूप दिखाने वाली है. आमतौर पर लू 3 से 5 दिन चलती है, लेकिन इस बार भविष्यवाणी है कि उत्तर भारत में हीटवेव का असर 8 से 12 दिनों तक खिंच सकता है.
पश्चिमी राजस्थान और विदर्भ के इलाकों में तो अभी से हीटवेव का अलर्ट जारी कर दिया गया है. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में धूल भरा तूफान विजिबिलिटी कम करेगा, तो वहीं विदर्भ में सूरज आग उगलेगा. उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब-हरियाणा में पारा सामान्य से कहीं ऊपर जाने वाला है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मानसून की आहट
जहां उत्तर भारत गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं. केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि कर्नाटक में ओले गिरने की संभावना है.
वहीं, संकेत ये भी मिल रहे हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 से 25 मई के बीच अंडमान होते हुए केरल पहुंच सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो ये सामान्य समय से काफी पहले होगा.
कैसे रखें अपना ख्याल?
मौसम के इस डबल अटैक से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है. आंधी के समय बिजली के तारों, खंभों और बड़े पेड़ों से दूर रहें. बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में न जाएं, खासकर बिहार और यूपी में ‘ठनका’ गिरने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. वहीं गर्मी से बचने के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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