मीठा न खाने पर भी क्यों बढ़ती है शुगर? जानिए ‘तनाव’ का यह छिपा हुआ सच
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी. (फोटो फाइल )
Nitin Gadkari: चुनावों में वोटिंग से पहले जनता को अपने पक्ष में वोट करने के लिए नेता अक्सर लोगों को पैसा ही नहीं बांटते, वह इसके लिए अलग-अलग तरह की चीजें भी देते हैं. इसके बाद भी लोग उनके पक्ष में वोट डालते हैं या नहीं, इस पर जानकरों का अलग-अलग मानना है. वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि मतदाता चुनाव लड़ने वाले नेताओं की बातों में नहीं आते या उनके झांसों में फंसते हैं. उन्होंने अपनी अनुभव को साझा करते हुए बताया कि जब वह चुनाव लड़ रहे थे तो उन्होंने एक-एक किलो मटन वोटरों के घरों में बंटवाया था, इसके बावजूद उन्हें हार मिली.
एक निजी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक नितिन गडकरी एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नागपुर पहुंचे थे. यहां मंच से बोलते हुए कहा कि लोग चुनावों में पोस्टर लगाकर, खिला-पिलाकर जीत के आते हैं. उनको इन सब चीजों में विश्वास नहीं है. उन्होंने आगे बताया कि “मैंने कई चुनाव लड़े हैं. मैं हर तरह के प्रयोग कर चुका हूं. मैंने एक बार लोगों के घरों में एक-एक किलो सावजी मटन पहुंचाया था. लेकिन फिर भी हम चुनाव हार गए.”
नितिन गडकरी ने कहते हैं कि, “लोग बहुत होशियार होते हैं. वो कहते हैं, जो दे रहा है उसका खा लो. अपने बाप का ही माल है. लेकिन वोट उसी को देते हैं, जिसे वो देना चाहते हैं. जब आप लोगों में विश्वास पैदा करते हो तभी वो आप पर विश्वास करते हैं. लोगों को किसी भी पोस्टर और बैनर की जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे वोटर को किसी भी लालच की कोई जरूरत नहीं होती है, क्योंकि उसको आप पर विश्वास होता है और ये लोग लॉन्ग टर्म होते हैं, कोई शॉर्ट टर्म नहीं.”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पोस्टर लगाने, मटन देने, या शराब बांटने से चुनाव नहीं जीता जाता है. चुनाव जीतने के लिए लोगों का विश्वास जीतना जरुरी होता है. चुनाव के समय नेताओं को लालच देने के बजाय लोगों के दिल में विश्वास और प्यार पैदा करें.
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