उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से इस समय की एक बेहद सनसनीखेज और जरायम की दुनिया को हिला देने वाली खबर(Satpal Sattu Encounter) सामने आ रही है. चार राज्यों की पुलिस की नाक में दम करने वाले और लुधियाना जेल से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू का आतंक आखिरकार मुजफ्फरनगर पुलिस की गोलियों ने हमेशा के लिए शांत कर दिया है.
दरअसल सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुई एक खूनी मुठभेड़ में यह शातिर बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई. एसपी सिटी अमृत जैन ने इस मोस्ट वांटेड अपराधी के खात्मे की आधिकारिक पुष्टि कर दी है.
एनकाउंटर को कैसे दिया अंजाम?(Satpal Sattu Encounter)
इस खौफनाक एनकाउंटर की कहानी 19 जून को तब शुरू हुई, जब सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक बेबस पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बिना वक्त गंवाए 10 स्पेशल टीमों को मैदान में उतार दिया.
पुलिस ने जब मुजफ्फरनगर से लेकर नेशनल हाईवे तक के करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तब जाकर कड़ियों से कड़ियां जुड़ीं और इस महा-अपराधी ‘सत्तू’ का सुराग हाथ लगा, जो फरवरी 2026 में पंजाब की हाई-सिक्योरिटी लुधियाना जेल से फरार होकर लगातार अलग-अलग राज्यों में नए गुनाहों को अंजाम दे रहा था.
बामनहेड़ी रोड पर आधी रात को गूंजी गोलियां
सोमवार देर रात पुलिस को सटीक मुखबिरी मिली कि सत्तू अपहृत नाबालिग लड़की के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बामनहेड़ी-रुड़की रोड से गुजरने वाला है. सिविल लाइन पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम ने जब एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया, तो खुद को घिरता देख सत्तू ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
इस दौरान जांबाज सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित को भी गोलियां लगीं. पुलिस की जवाबी घेराबंदी और कड़क फायरिंग में सत्तू लहूलुहान होकर वहीं ढेर हो गया, जबकि कार के भीतर से अपहृत नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया.
ये भी पढ़ें: कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग: BJP से झारखंड का बदला ले रही है कांग्रेस? अलर्ट मोड पर नितिन नबीन
छोटा राजन गैंग से क्या है कनेक्शन?
मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला सतपाल उर्फ सत्तू कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं था. उस पर हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और गैंगरेप जैसे दो दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे. साल 2010 में जब मेरठ पुलिस ने इसे दबोचा था, तब इसका संबंध अंडरवर्ल्ड के ‘छोटा राजन गैंग’ से निकला था. खुद को कभी रणजी क्रिकेट खिलाड़ी बताने वाला यह शातिर अपराधी पिछले 4 महीनों में 10 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को अगवा कर चुका था.
वहीं, पकड़े जाने (Satpal Sattu Encounter) से बचने के लिए यह सिर्फ कीपैड फोन रखता था, टोल प्लाजा से बचता था और अपने परिवार तक से दूरी बनाकर रहता था. मौके से पुलिस को फर्जी पहचान पत्र, अवैध पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस मिले हैं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

