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जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा आज करेंगे सरेंडर, टोंक और नगरफोर्ट में पुलिस छावनी में तब्दील

देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड मामले में निर्दलीय नेता नरेश मीणा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. जमानत रद्द होने के बाद वह आज टोंक के नगरफोर्ट थाने में आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं.

Naresh Meena, SDM Slap Case, Rajasthan
Edited by Radha Priya

देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान हुए चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड मामले में निर्दलीय नेता नरेश मीणा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद आज नरेश मीणा टोंक के नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करने जा रहे हैं. सुबह-सुबह समर्थकों के भारी काफिले के साथ वह जयपुर से टोंक के लिए रवाना हो चुके हैं जिसे लेकर पूरे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी और पुलिस प्रशासन की धड़कनें दोनों तेज हो गई हैं.

पुलिस छावनी में बदला इलाका

नरेश मीणा के सरेंडर के ऐलान के बाद से ही टोंक, देवली और नगरफोर्ट में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली है. कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे इसके लिए संबंधित इलाकों में मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए हैं और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. थाने के आसपास चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है ताकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रहे.

क्यों रद्द हुई नरेश मीणा की जमानत?

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को इस बहुचर्चित मामले में सशर्त जमानत दी थी. लेकिन हाल ही में उन पर जमानत की शर्तों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा. पुलिस और प्रशासन की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत खारिज कर दी थी. इसके पीछे मुख्य वजह झालावाड़ के एक अस्पताल के बाहर हुआ वो प्रदर्शन बताया गया, जो पिपलोदी सरकारी स्कूल हादसे के बाद बच्चों की मौत के सिलसिले में किया गया था. इसी पुराने और नए घटनाक्रम के चलते उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गईं.

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क्या था पूरा थप्पड़कांड?

यह पूरा विवाद 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान भड़का था. समरावता गांव के लोग अपने इलाके को उनियारा उपखंड में शामिल कराने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रहे थे और नरेश मीणा उनके समर्थन में धरने पर बैठ गए थे. आरोप है कि जब प्रशासन जबरन वोटिंग करवाने की कोशिश कर रहा था तब तनाव के बीच नरेश मीणा ने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिया था. इसके अगले ही दिन यानी 14 नवंबर को उन्हें भारी पुलिस बल के बीच गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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