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न्यूजक्लिक मामले में प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को नहीं मिली राहत, इस दिन तक बढ़ी पुलिस कस्टडी

न्यूजक्लिक के प्रमुख प्रबीर पुरकायस्थ को दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 नवंबर तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

News Click  Controversy: अदालत ने न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को आतंकवाद विरोधी कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले में 2 नवंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया.  ‘न्यूजक्लिक‘ पर चीन समर्थक दुष्प्रचार फैलाने के लिए धन लेने का आरोप है.
दोनों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर की अदालत में पेश किया गया था.

पुलिस ने न्यायाधीश से कहा कि वह कुछ गवाहों और आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है. दोनों से मिले कुछ उपकरणों के बारे में भी जानकारी लेना चाहता है, क्योंकि उसकी जांच कर डाटा निकाल लिया गया है. इसलिए उन्हें नौ दिनों की उसकी हिरासत में भेजा जाए.

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पुरकायस्थ के वकील अर्शदीप सिंह खुराना ने हिरासत का विरोध किया और कहा कि इसमें इसमें कोई नया आधार नहीं है. न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को नौ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने 3 अक्टूबर को पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था. उसने तब अदालत से दोनों का पुलिस हिरासत लिया था और 10 अक्टूबर को अदालत से कहा था कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए। आगे की पूछताछ के लिए फिर हिरासत ले लेंगे। उसी क्रम में उसने दोनों को बुधवार को अपनी हिरासत में ले लिया.

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पुलिस ने सुनवाई के दौरान अदालत से कहा कि प्राथमिकी के मुताबिक ‘न्यूजक्लिक‘ को ‘भारत की संप्रभुता को बाधित करने’ और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से बड़े पैमाने पर धन मिला था. समाचार पोर्टल पर यह भी आरोप है कि पुरकायस्थ ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के लिए पीपुल्स अलायंस फार डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) नाम के एक समूह के साथ साजिश रची थी। उसका संबंध चीन से है.

-भारत एक्सप्रेस



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