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Note For Vote Case: सदन में ‘वोट के बदले नोट’ के मामले में 7 जजों की संविधान पीठ 4 मार्च को सुनाएगी फैसला

सदन में वोट के बदले नोट के मामले में सात जजों की संविधान पीठ 4 मार्च को फैसला सुनाएगी। फैसले से तय होगा कि सदन में वोट के लिए रिश्वत में शामिल सांसदों/विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से छूट दी जाए या नहीं। जानिए क्‍या है मामला –

supreme court

सुप्रीम कोर्ट.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Note For Vote Case In Supreme court: सांसदों और विधायकों द्वारा सदन में वोट देने और मतदान करने के बदले रिश्वत लेने के मामले में सर्वोच्‍च न्‍यायालय फैसला सुनाएगा। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ ने 4 मार्च का दिन तय किया है, जब पीठ सोमवार को अपना फैसला सुनाएगी।

सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि सदन में वोट के लिए रिश्वत में शामिल सांसदों/विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से छूट दी जाए या नहीं। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने छूट निर्धारित करने के लिए एक कार्यात्मक परीक्षण का सुझाव दिया और कहा कि यह परिणाम के डर के बिना, एक विधायक/ सासंद के कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए आवश्यक बोलने या मतदान के कार्यों तक विस्तारित हो सकता है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने पांच अक्टूबर, 2023 को इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब दलीलों के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि रिश्वतखोरी कभी छूट का विषय नहीं हो सकती है। संसदीय विशेषाधिकार का मतलब किसी सांसद या विधायक को कानून से ऊपर रखना नहीं है। वहीं, सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वह इस मामले पर सुनवाई करेगी कि यदि सांसदों व विधायकों के कृत्यों में आपराधिकता जुड़ी है तो क्या उन्हें तब भी छूट दी जा सकती है।

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