Manu Statue Case: राजस्थान उच्च न्यायालय में एक बेहद अनोखी प्रशासनिक व्यवस्था देखने को मिल रही है. हाईकोर्ट के सभी 39 न्यायाधीश अगले तीन दिनों तक जयपुर में ही रहेंगे और यहीं से जोधपुर मुख्य पीठ और जयपुर बेंच दोनों के मामलों की सुनवाई करेंगे. न्यायिक कामकाज में कोई रुकावट न आए, इसके लिए 25 अलग-अलग पीठों का गठन किया गया है.
जयपुर में क्यों जुटे हैं सभी जज?
दरअसल, जयपुर में ‘शांति, मध्यस्थता और कानून का शासन’ विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में कॉमनवेल्थ देशों के वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनविद और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं.
इसी वजह से सभी जज जयपुर में मौजूद रहेंगे, लेकिन वकीलों और आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए जोधपुर की मुख्य पीठ से जुड़े मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी.
बेंचों का गणित और VC से सुनवाई
मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने 4 बड़ी पीठ, 6 डिवीजन पीठ और 15 एकल पीठ का गठन किया है.
जोधपुर मुख्य पीठ के मुकदमों के लिए 1 बड़ी पीठ, 3 डिवीजन पीठ और 4 एकल पीठ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केस सुनेंगी. वहीं जयपुर पीठ के मामलों के लिए 3 बड़ी पीठ, 3 डिवीजन पीठ और 11 एकल पीठ बनाई गई हैं.
ऐतिहासिक मुद्दों पर होगी सुनवाई
इस विशेष व्यवस्था के दौरान बड़ी पीठ कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील कानूनी मुद्दों पर सुनवाई करने वाली है:
- मनु प्रतिमा विवाद: जयपुर हाईकोर्ट परिसर में मनु की मूर्ति स्थापित करने से जुड़ी 1989 से लंबित याचिका पर सुनवाई.
- प्राथमिकता वाले मामले: क्या वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के मुकदमों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
- ओपन जेल पात्रता: पोक्सो एक्ट और नाबालिगों से दुष्कर्म के दोषियों को ‘ओपन जेल’ में भेजने की कानूनी पात्रता का दायरा तय करना.
इन बड़े फैसलों से निकलने वाली व्याख्याएं भविष्य के लिए नजीर बनेंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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