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आज 7 मई है और अगर आप सोच रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों की सुहावनी शामें और ठंडी हवाएं हमेशा के लिए रुक गई हैं, तो जरा ठहरिए. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का ताजा अपडेट बता रहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अब एक बड़े बदलाव की दहलीज़ पर खड़ा है. उत्तर भारत में जहां गर्मी अपनी ‘रिटर्न टिकट’ कटा चुकी है, वहीं बिहार और दक्षिण भारत में आसमानी बिजली और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है.
दिल्ली-NCR: बस दो दिन की राहत, फिर टॉर्चर
राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में फिलहाल मौसम की लुका-छिपी चल रही है. आज यानी गुरुवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास रहा, जो सुबह के वक्त काफी सुकून देने वाला था. आसमान में बादलों की आवाजाही आज भी बनी रहेगी और दोपहर या शाम को दिल्ली के कई इलाकों, चाहे वो नॉर्थ दिल्ली हो या शाहदरा वहां हल्की गरज-चमक के साथ धूल भरी हवाएं चल सकती हैं.
लेकिन असली कहानी कल यानी शुक्रवार से शुरू होगी. 8 मई से आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा, जिसका सीधा मतलब है कि सूरज देवता अब बिना किसी रुकावट के अपनी तपिश बरसाएंगे. 9 मई से पारा तेजी से चढ़ेगा और शनिवार-रविवार तक यह 40 डिग्री सेल्सियस को छू सकता है. यानी अगर आपको वीकेंड पर बाहर जाने का प्लान बनाना है, तो दोपहर की लू के लिए तैयार रहें.
यूपी-बिहार: आंधी, ओले और ‘ठनका’ का खौफ
उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है. यूपी में पश्चिमी इलाकों से लेकर पूर्वांचल तक तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट है. विशेषकर प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर जैसे बड़े शहरों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है.
बिहार में तो हालात और भी चिंताजनक हैं. राजधानी पटना समेत 15 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी है. बुधवार को हुई ओलावृष्टि ने पहले ही जनजीवन प्रभावित किया है और अब अगले 48 घंटों तक किशनगंज, सुपौल और अररिया जैसे जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने वाली है.
ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़ों के नीचे या जर्जर ढांचों में शरण न लें, क्योंकि ‘ठनका’ (बिजली) जानलेवा साबित हो सकता है. तेलंगाना से आई दुखद खबर भी हमें सावधान करती है, जहां खेत में बारिश से बचने के लिए टिन शेड के नीचे रुके चार किसानों की मौत हो गई.
राजस्थान: रेगिस्तान में फिर लौटेगी ‘Heatwave’
राजस्थान में जो हल्की राहत बारिश से मिली थी, वह अब खत्म होने को है. पश्चिमी राजस्थान, खासतौर पर फलौदी, जैसलमेर और बाड़मेर में पारा फिर से 42 डिग्री पार कर चुका है. मौसम विभाग का कहना है कि 9 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में भीषण लू (Heatwave) चल सकती है. यहां तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है. यानी रेगिस्तान अब फिर से भट्टी की तरह तपने वाला है.
पहाड़ों पर बर्फबारी और दक्षिण में प्री-मानसून
एक तरफ मैदानों में लू की आहट है, तो दूसरी तरफ पहाड़ों पर नजारा कुछ और ही है. उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ और गुलमर्ग में मई के महीने में भी बर्फबारी हो रही है. यही वजह है कि दिल्ली-यूपी तक ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं. हालांकि, 10 मई से पहाड़ों पर भी बारिश और आंधी का एक नया दौर शुरू होने वाला है.
दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून ने जोर पकड़ लिया है. तमिलनाडु में एक ट्रफ लाइन (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) बनने की वजह से नीलगिरी, मदुरै और कन्याकुमारी जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है. सप्ताहांत तक वहां बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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