Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

आसाराम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; राजस्थान सरकार से पूछा- क्या वाकई गंभीर है हालत?

यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से उनकी मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर जवाब देने को कहा है.

Asaram

आसाराम.

यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया है कि वह आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर यह बताए कि क्या उनकी स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में इतनी गंभीर है कि उन्हें ईलाज के लिए कुछ समय की अंतरिम जमानत प्रदान किया जाना चाहिए.

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह राज्य के मूल्यांकन के आधार पर ही फैसला करेगी. अदालत ने राजस्थान सरकार से 21जुलाई तक जवाब देने को कहा है. मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम पूरी तरह से फिट है. वह तीन महीने पहले ही अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे. हर जगह पैदल गए थे और यात्रा की थी. वह फिट कंडीशन में है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि आसाराम की हालत वास्तव में गंभीर है, अदालत नही चाहती कि उनके साथ कोई अनहोनी हो.

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगी मेडिकल रिपोर्ट

कोर्ट ने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर ईलाज के लिए सीमित अवधि तक अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जा सकता है. आसाराम ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा था. हालही में राजस्थान हाई कोर्ट ने 4 जून 2026 को आसाराम की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए जेल प्रशासन को उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से पहली बार 7 जनवरी 2025 को स्वास्थ्य आधार पर 31 मार्च 2025 तक अंतरिम जमानत मिली थी.

बाद में इस अवधि को बढ़ा दिया गया और 29 अक्टूबर 2025 को उन्हें छह महीने की और अंतरिम जमानत प्रदान की गई. आसाराम बापू को गांधी नगर के सेंशन कोर्ट ने 2013 के बलात्कर के मामले में 2023 को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

यह भी पढ़ें:‘शराब महंगी करनी है तो करो…’ अदालतों में महिला वकीलों की बदहाली पर सुप्रीम कोर्ट ने किया सख्त टिप्पणी

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital

Latest