सुप्रीम कोर्ट ने पहलगाम आतंकवादी हमलों के मामले में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है. नेहा राठौड़ पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज है. जस्टिस जे के महेश्वरी और जस्टिस कुलदीप बिश्नोई की पीठ ने कहा कि इस स्टेज पर हस्तक्षेप नही कर सकते है.
गुण-दोष पर कोई राय नहीं
कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को भी खारिज कर दिया है. कोर्ट ने नेहा राठौर को ट्रायल कोर्ट का सामना करने को कहा है. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि वह मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है. लखनऊ के गुडंबा के रहने वाले कवि अभय प्रताप सिंह ने नेहा सिंह राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
नेहा सिंह राठौर के खिलाफ बीएनएस की 11 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उनके गानों में राजनीतिक कटाक्ष, सामाजिक मुद्दे और जन जागरूकता से संबंधित कंटेंट रहता है. जिसके चलते अक्सर सुर्खियों में रहती है. राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किया था.
सुप्रीम कोर्ट का पकड़ा रुख
राठौर ने मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने और निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राठौर की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी नेहा सिंह राठौर को राहत देने से इनकार कर दिया है. अब नेहा सिंह राठौर को निचली अदालत में चल रहे ट्रायल का.सामना करना पड़ेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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