Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

दिल्ली दंगा 2020: हत्या के 12 आरोपियों को कड़कड़डूमा कोर्ट ने किया बरी

कोर्ट ने कहा कि इस तरह की पोस्ट सिर्फ ग्रुप के दूसरे सदस्यों की नजर में हीरो बनने के इरादे से डाली जा सकती है. कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप चैट के आधार पर आरोपी को दोषी साबित नही किया जा सकता है.

Edited by Akansha

दिल्ली दंगा 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान अलग-अलग मामले में दो व्यक्तियों की हत्या के सभी 12 आरोपियों को कड़कड़डूमा कोर्ट ने सबूत के आभाव में बरी कर दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने भूरे अली और आमीर अली की हत्या के मामले में लोकेश सोलंकी सहित सभी 12 आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप में आदान-प्रदान किए गए संदेश अपराध में आरोपी की संलिप्तता को स्थापित नहीं कर रहा है.

कोर्ट ने कही ये बात

कोर्ट ने कहा कि इस तरह की पोस्ट सिर्फ ग्रुप के दूसरे सदस्यों की नजर में हीरो बनने के इरादे से डाली जा सकती है. कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप चैट के आधार पर आरोपी को दोषी साबित नही किया जा सकता है. कोर्ट ने चैट संदेशों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया, और अपने फैसले में कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के ऐसी बातचीत का इस्तेमाल उचित संदेश से परे अपराध को साबित करने के लिए नहीं किया जा सकता है.

कोर्ट ने 12 आरोपियों को किया बरी

कोर्ट ने कहा कि किसी भी ठोस सबूत के आभाव में उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा सकता है. लोकेश सोलंकी के अलावे कोर्ट ने जिन अन्य आरोपियों को बरी किया है, उनमें पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा उर्फ ​​रोहित, हिमांशु ठाकुर, विवेक पांचाल उर्फ ​​नंदू, ऋषभ चौधरी उर्फ ​​तापस, सुमित चौधरी उर्फ ​​बादशाह, टिंकू अरोड़ा, संदीप उर्फ ​​मोगली और साहिल उर्फ ​​बाबू शामिल है.

दिल्ली पुलिस ने दायर किए थे कई चार्जशीट

बता दें कि ये हत्याएं 25 फरवरी 2020 की दोपहर से लेकर 26 फरवरी 2020 की आधी रात के बीच हुई हुई है. मृतकों को शव एक सप्ताह बाद नाले में मिले थे. दिल्ली पुलिस ने कई चार्जशीट दायर किए थे, जिसमें अपराधों को “कट्टर हिंदू एकता” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया था, जहां सदस्यों ने कथित तौर पर एक अलग धार्मिक समुदायों के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए बलों को जुटाने और हथियार खरीदने से संबंधित जानकारी थी.

ये भी पढ़ें: दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर सुरक्षाबलों की मुठभेड़, महिला नक्सली ढेर

आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे-सरकारी वकील

मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया था कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे और चैट ट्रांसक्रिप्ट में हत्याओं और शवों को ठिकाने लगाने के बारे में कबूलनामे थे. अधिकारियों ने बताया था कि पुलिस ने आरोपियों का पता उनके आइपी एड्रेस के जरिये लगाया, जिससे पता चला था कि संचार के लिए इस्तेमाल किए गए अधिकांश सिम कार्ड जाली दस्तवेज़ों का इस्तेमाल करके हासिल किए थे. इस मामले में सबसे पहले लोकेश सोलंकी को गिरफ्तार किया गया था, उससे पूछताछ के आधार पर बाकी लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

व्हाट्सएप ग्रुप के 125 सदस्य थे

पुलिस के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने सोलंकी के एक संदेश पर भरोसा किया जिसमें उसने 26 फरवरी की रात को गोकुलपुरी नाले के पास हुई दो हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी. चार्जशीट के मुताबिक दंगाइयों ने उत्तर पूर्वी जिला स्थित जल बोर्ड पुलिया से भागीरथी विहार और गंगा विहार के बीच नौ लोगों की हत्या की गई थी. आपस में संपर्क के लिए लोगों के एक समूह ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था. इसका एडमिन ऋतिक था और इससे लोकेश सोलंकी सहित अन्य कई लोग जुड़े हुए थे. व्हाट्सएप ग्रुप के 125 सदस्य थे.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital