कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगे के दौरान एक व्यक्ति की हत्या के आरोप से पांच लोगों को बरी कर दिया है. कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमांचला ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ घटना से जोड़ने वाला उन्हें कोई सबूत नहीं मिला है. साथ ही अन्य आरोप जारी रखने योग्य नहीं है.
न्यायाधीश ने यह कहते हुए कुलदीप, दीपक यादव, दीपक ठाकुर, मोहम्मद फुरकान एवं मोहम्मद इरशाद को सभी आरोपों से बरी कर दिया. इस मामले में सलमान नामक व्यक्ति की कथित तौर पर भीड़ ने हत्या कर दी थी. इन पांच लोगों पर सलमान की हत्या करने वाली भीड़ में शामिल होने का आरोप लगाया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जांच अधिकारी (आईओ) को असल अपराधी का पता नहीं चला है.
अलग-अलग धर्मो के भीड़े लोगों
अभियोजन पक्ष के अनुसार 24 फरवरी, 2020 को शिव विहार तिराह पर दो अलग-अलग धर्मो के लोगों की भीड़ थी. वे एक-दूसरे से भिड़ रहे थे. न्यायाधीश ने कहा कि सलमान की गैर इरादतन हत्या के लिए दोनों प्रतिद्वंद्वी समूहों के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए लगाए गए आरोप कानून के अनुरूप नहीं है. पुलिस की निष्कर्ष से पता चलता है कि हत्या में शामिल वास्तविक दंगाइयों का पता नहीं लगाया जा सका है.
अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं है, जिससे यह पता चले कि वे व्यक्तिगत रूप से या दंगाइयों के समूह के सदस्य के रूप में सलमान पर गोलीबारी की घटना से जुड़े हैं. अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह ने सलमान की हत्या की घटना के बारे में बयान नहीं दिया. वैसे इस मामले में आपराधिक साजिश के भी आरोप लगे हैं, लेकिन आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं है.
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-भारत एक्सप्रेस
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