कलकत्ता हाई कोर्ट
Kolkata High Court TMC Case: कोलकाता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. टीएमसी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की, इसपर जस्टिस सौगत भट्टाचार्या ने कहा कि मामले में पुलिस, संबंधित बैंक और राज्य सरकार को नोटिस जारी करना पड़ेगा. जवाब आने के बाद ही मामले में सुनवाई संभव है.
तीन बैंक खातों में लेनदेन पर रोक
कोर्ट ने 30 जून को सुनवाई का संकेत दिया है. तीन बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है. पिछली सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील किशोर दत्ता ने कोर्ट को बताया था कि पार्टी के तीन बैंक खातों में लेनदेन पर रोक लगा दी गई है, लिहाजा तत्काल सुनवाई की जाए. अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा था कि पुलिस इस मामले में क्या करेगी.
इसपर वकील ने कहा था कि यह कार्रवाई एक अष्पष्ट शिकायत के आधार पर की गई है और खातों को पुलिस के कहने पर फ्रीज किया गया है. बता दें कि बागी विधायकों की शिकायत पर करीब 440 करोड़ रुपए की निकासी पर रोक लगा दी गई है. वागी विधयकों ने पैसों की स्रोत की जांच की मांग की थी.
लेन देन में गड़बड़ी का आरोप
जिसके बाद यह कार्रवाई की गई ऋतब्रत बनर्जी गुट ने पार्टी के लेन देन में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक में रखे गए इन तीन खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि इन खातों से पैसे निकाले या बाहर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है. लेकिन इन खातों में पैसा जमा किया जा सकता है.
675 करोड़ रुपए जमा
इससे पहले राज्य के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने पार्टी के कोषाध्यक्ष के तौर पर संबंधित बैंक खातों को पत्र लिख कर टीएमसी के बैंक खाते से लेन देन रोकने का अनुरोध किया था. खाते में करीब 675 करोड़ रुपए जमा हैं. अरूप ने पत्र में लिखा था कि पार्टी के भीतर विभिन्न गुट खुद को वैध नेतृत्व और अधिकृत पदाधिकारी बता रहे है. अब साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य खातों की भी पड़ताल कर रही है. जांचकर्ताओं से यह पता लगाने का आग्रह किया गया है कि क्या ये धनराशि वैध स्रोतों से हासिल की गई है या कथित अवैध गतिविधियों, जैसें सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और घोटालों से अर्जित की गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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