नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का सिलसिला लगातार जारी है. इसको लेकर एक और याचिका दायर की गई है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील नरेंद्र मिश्रा के माध्यम से दायर की गई है. दायर याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. इसलिए पुनः परीक्षा कराई जाती है तो एनटीए (NTA) के बजाय सीबीएसई (CBSE) या किसी अन्य सरकारी एवं अन्य एजेंसी से कराने की मांग की गई है.
छात्रों के खर्चों की भरपाई और NTA के वित्तीय ऑडिट को सार्वजनिक करने की अपील
याचिका में कहा गया है कि यदि पुनः परीक्षा होती है तो प्रभावित छात्रों को परीक्षा शुल्क वापस किया जाए और यात्रा, आवास तथा अन्य खर्चों की भरपाई की जाए. इसके अतिरिक्त एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका, जवाबदेही, वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट और फंड उपयोग संबंधी विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है. उन्होंने यह भी कहा है कि यह मामला देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए इसका शीघ्र निस्तारण जरूरी है.
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा था हलफनामा
इससे पहले दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से हलफनामे में बताने को कहा है कि आगे से परीक्षा प्रक्रिया और समापन कैसे और किस प्रकार किया जाएगा. साथ ही यह बताने को कहा है कि विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और संस्थागत विविधता के माध्यम से निरंतरता की संस्थागत स्मृति को कैसे स्थापित किया जाए. इसके अलावा यह सुनिश्चित करना है कि एनटीए के पास 2024 या 2026 की परीक्षा आयोजित करने के लिए भौतिक और बौद्धिक संसाधन उपलब्ध हों. जस्टिस नरसिम्हा ने कहा था कि हमें अपने युवाओं को निराश नहीं करना चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि भावनाओं और समय का इतना निवेश करना बहुत ही दुखद होता है.
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वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि प्रधानमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं. इस पर कोर्ट ने कहा था कि अगर ऐसा हो रहा है तो यह अत्यंत दुखद है. हम अपने छात्रों को निराश नहीं कर सकते. यह केवल छात्र का मामला नहीं है, बल्कि परिवार का भी है. कोर्ट ने कहा था कि इसमें भावनाओं, प्रेम, समय, वर्षों की पढ़ाई का बहुत कुछ जुड़ा है. यह हमारे बस की बात है. कोर्ट ने कहा था कि NTA को यूपीएससी (UPSC) से सबक लेना चाहिए.
एआई-सीसीटीवी निगरानी का हवाला
एनटीए द्वारा दाखिल हलफनामे में कहा गया था कि परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं. जिनमें पेपर सेट करने वालों के लिए रेंडमाइजेशन और रोटेशन नीतियां शामिल हैं. जिनमें अधिकारियों की पृष्ठभूमि की जांच, एआई (AI) आधारित अनुवाद उपकरण, एक हजार सुरक्षित परीक्षा केंद्र, क्लाउड आधारित एआई-एमएल (AI-ML) ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, उन्नत साइबर सुरक्षा प्रणाली और परिणाम प्रसंस्करण के लिए उन्नत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं.
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