साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले (Nitish Katara murder case) में दोषी विकास यादव ने फरलो (Furlough) की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जिसपर कोर्ट ने दिल्ली सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 27 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
दिल्ली पुलिस मुहैया कराएगी सुरक्षा
विकास यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दो सप्ताह के लिए फरलो की मांग की हैं. इससे पहले विकास यादव द्वारा अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट इनकार कर चुका है. विकास यादव ने अंतरिम जमानत के दौरान 5 सितंबर को शादी कर ली है.
पिछले महीनों कोर्ट ने विकास यादव को बीमार माँ की देखभाल करने के लिए कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दिया था. साथ ही कोर्ट ने नीतीश कटारा (Nitish Katara) की मां नीलम कटारा और अजय कटारा को उत्तराखंड सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर नीलम कटारा और अजय कटारा दिल्ली आते है तो, दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगी.
मौत की सजा SC ने किया इंकार
कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया था कि एम्स में भर्ती रहने के दौरान विकास यादव अपनी मां से नही मिल सकते है. घर आने के बाद ही वो मिल सकते है. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नहीं दी जा सकती.
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-भारत एक्सप्रेस
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