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लद्दाख में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट की बेंच बनाने का रास्ता साफ, राष्ट्रपति ने अधिसूचना को दी मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना के लिए विनियमन 2026 जारी किया है. इससे लद्दाखवासियों को स्थानीय स्तर पर सुलभ और त्वरित न्याय मिलेगा.

President Approves Jammu Kashmir High Court Bench In Ladakh Notification Issued Bharat Express
Edited by Vaibhav Gupta

लद्दाख में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट की बेंच बनाने का रास्ता साफ हो गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच की बैठक और कार्यवाही से जुड़ा ‘द यूनियन टेरिटरी ऑफ लद्दाख (सिटिंग ऑफ बेंच ऑफ द हाई कोर्ट ऑफ जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख इन लद्दाख) रेगुलेशन 2026 जारी किया है.

कानून एवं न्याय मंत्रालय ने इसे 27 अगस्त 2026 को अधिसूचित किया है. राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना का रास्ता साफ करते हुए संबंधित अधिसूचना जारी किया है. नए अधिसूचना के तहत हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश का प्रधान स्थान वही रहेगा, जहां अधिसूचना लागू होने से ठीक पहले जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की प्रधान पीठ के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम करेंगे.

मामलों के लिए लंबी दूरी तय करना चुनौतीपूर्ण

हालही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार लद्दाख के सर्वागीण विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और दावा किया कि इस फैसले से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच बेहतर होगी.

बता दें कि लद्दाख भौगोलिक दृष्टि से बेहद और विशाल क्षेत्र है. ऐसे में हाई कोर्ट से जुड़े मामलों के लिए लंबी दूरी तय करना स्थानीय लोगों के लिए समय और संसाधन दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा है. अब नए बेंच बनने के बाद लोगों को कानूनी उपायों के लिए दूर की यात्रा करने की जरूरत कम हो सकती है.

नई बेंच से समय पर होगा मुकदमों का निपटारा

हाई कोर्ट की इस नई बेंच के बनने से लद्दाख में रहने वाले लोगों का न सिर्फ समय ही बचेगा बल्कि उनके मुकदमों का निपटारा भी सही समय पर होगा. इसके अलावे वहां के लोगो को आर्थिक लाभ भी मिलेगा. सरकार का यह कदम लद्दाख के विकास और वहां रहने वाले लोगों को संवैधानिक अधिकार व सुविधाएं दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा.

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था. हालांकि इसके बावजूद भी लद्दाख और जम्मू कश्मीर के लिए साझा हाई कोर्ट की व्यवस्था जारी रही. अब नए विनियमन के जरिए लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच के बैठने की व्यवस्था को औपचारिक आधार दिया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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