NEET-UG 2025: नीट-यूजी 2025 परीक्षा से संबंधित दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. दायर याचिका में एक अभ्यर्थी ने आरोप लगाया था कि उसकी ओएमआर उत्तर पुस्तिका के साथ छेड़छाड़ की गई है. जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए. एस चंदुरकर की पीठ पर अपने फैसले में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित कोई ठोस सबूत कोर्ट के समक्ष पेश नही किया गया.
कोर्ट ने क्या की टिप्पणी?
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार की याचिकाएं न केवल न्यायालय की कीमती समय बर्बाद करती है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में बेवजह संदेह पैदा करती है. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल संदेह के आधार पर इस तरह की गंभीर शिकायत स्वीकार नही की जा सकती. दायर याचिका में ओएमआर शीट की जांच कराने और परीक्षा परिणाम रद्द कर पुनः मूल्यांकन करने की मांग की गई थी.
नीट-यूजी परीक्षा हर साल लाखों अभ्यर्थियों के लिए की जाती है आयोजित
कोर्ट ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर उंगली उठाने के लिए ठोस सामग्री होनी चाहिए न कि केवल अनुमान. बता दें कि नीट-यूजी परीक्षा में हर साल लाखों अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जाती और इसके परिणाम मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में दाखिले की आधारशिला होते हैं.
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2022-24 के बीच उम्मीदवारों की संख्या में करीब 33% की हुई वृद्धि
2023 में 20 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए जबकि 2024 में 23 लाख 33 हजार छात्र शामिल हुए. इससे पहले एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था कि देखने से लगता है कि 2022-24 के बीच उम्मीदवारों की संख्या में करीब 33% की वृद्धि हुई. याचिकाकर्ताओं ने य़ह दावा था किया की NTA का य़ह बयान गलत जिसमें उन्होंने पिछले साल की तुलना मे पाठ्यक्रम कम था.
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-भारत एक्सप्रेस
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