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ड्रग्स के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 449 स्पेशल NDPS कोर्ट बनाने का निर्देश

देश में ड्रग्स से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 449 विशेष एनडीपीएस अदालतों के गठन की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक दलों के घोषणापत्रों के लिए मानक प्रारूप तय करने की मांग पर सुनवाई को तैयार.

सुप्रीम कोर्ट

देश में जितना तेजी से ड्रग्स का धंधा बढ़ रहा है. उतनी ही तेजी से मुकदमों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने दायर याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 449 स्पेशल एनडीपीएस अदालतों के गठन करने के लिए लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है.

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह निर्देश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इन मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए पर्याप्त संख्या में विशेष अदालतों का होना जरूरी है. कोर्ट ने कहा कि देश में ड्रग्स से जुड़े अपराधों में चिंताजनक बढ़ोतरी होने के बावजूद फिलहाल केवल 176 स्पेशल अदालतें ही काम कर रही है. ऐसे में लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए अदालतों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है. कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि नई विशेष अदालतों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा, न्यायिक अधिकारियों और अन्य स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की जाए.

NIA मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का विस्तार

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इन अदालतों के गठन की प्रक्रिया को टाला नही जाना चाहिए और अधिकतम 6 महीने के भीतर 449 स्पेशल अदालतें गठित करने का लक्ष्य पूरा किया जाए. मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए की विशेष अदालतों के गठन को लेकर लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुनवाई के दौरान कोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि देश में 8 नई एनआईए अदालतें जोड़ी गई है.

इसके साथ ही एनआईए मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट की कुल संख्या बढ़कर 22 हो गई है. कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि एनडीपीएस और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पर्याप्त न्यायिक ढांचा तैयार किया जाना जरूरी है, ताकि मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो और आपराधिक न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकें. सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बेंगलुरु, उडुपी सहित अन्य जगह पर तीन एनआईए कोर्ट का गठन प्रस्तावित है.

एनआईए मामलों के लिए विशेष अदालतों को नोटिफाई करने की संभावना

राज्य सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि इन अदालतों को दो सप्ताह में नोटिफाई किए जाने की संभावना है. जबकि बिहार सरकार की ओर से पेश वकील ने बताया कि राज्य में एनआईए के16 मामले लंबित है और दो एक्सक्लुसिव एनआईए कोर्ट पहले से ही काम कर रही है. तेलंगाना सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि राज्य में 9 एनआईए मामले लंबित है, जबकि 5-6 अन्य मामले अभी जांच के प्रारंभिक चरण में है. राज्य सरकार के मुताबिक एक नामित कोर्ट पर्याप्त है.

सुनवाई के दौरान केरल सरकार की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एनआईए कोर्ट के गठन के आदेश जारी किए जा चुके है और उनके लिए परिसर भी चिन्हित कर लिए गए हैं. इसे तैयार करने में 2से3 महीने का समय लग सकता है. इसपर सीजेआई ने जल्द प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया.

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-भारत एक्सप्रेस



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