Supreme Court: ने एक हाई प्रोफाइल वैवाहिक विवाद मामले में महिला आईपीएस अधिकारी से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है और और उनके और पति के बीच तलाक को मंजूरी दे दिया है.
कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत मिले शक्तियों को इस्तेमाल करते हुए यह आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि बेटी अपनी माँ के पास रहेगी. वही कोर्ट ने पिता को विजिटेशन राइट्स दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले का निपटारा कर दिया है.
इतना ही नही कोर्ट ने पति और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने महिला अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने पद और ताकत का दुरुपयोग कर पति या उसके परिवार को किसी भी प्रकार मानसिक या शारीरिक नुकसान न पहुचाए.
अदालत ने महिला आईपीएस अधिकारी को निर्देश दिया कि वह अपने पति और उनके परिवार से बिना शर्त माफी मांगे और यह माफी राष्ट्रीय संस्करण के एक प्रतिष्ठित हिंदी और अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित करवाए.
IPS पत्नी ने झूठे केस में फंसाया, SC से पति को राहत
महिला आईपीएस अधिकारी ने अपने पूर्व पति और ससुराल वालों से वैवाहिक विवाद के दौरान उनको झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा दिया था. इस दौरान उनको शारीरिक और मानसिक पीड़ा सहनी पड़ी.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये का भरण पोषण देने का आदेश दिया था.
बता दें महिला आईपीएस अधिकारी और पुरुष दिल्ली का व्यवसायी है. दोनों ने 2015 में शादी की थी. तीन साल बाद 2018 में दोनों अलग हो गए. महिला ने अपने गृहनगर यूपी लौटने के बाद 2022 में आईपीएस जॉइन किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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