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जाट परिवार की चालाकी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत ने कहा- ‘मेरे भाई को फोन करने की हिम्मत कैसे हुई?’

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के एक जाट परिवार द्वारा परीक्षा से पहले बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक कोटे का लाभ लेने के दावे पर कड़ी टिप्‍पणी की है.

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के एक जाट परिवार द्वारा परीक्षा से पहले बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक कोटे का लाभ लेने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील को जमकर लताड़ लगाई है. सीजेआई सूर्यकांत ने इसको लेकर आदेश पारित किया था. जिसके बाद याचिका दायर करने वाले शख्स ने सीजेआई के भाई को फोन कर पूछा कि इस तरह का आदेश कैसे पारित कर दिया. जिसपर नाराजगी व्यक्त करते हुए याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि क्या अब वह मुझपर हुक्म चलाएगा. उन्होंने पूछा कि आपके मुवक्किल के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं होनी चाहिए? उसे मेरे भाई को फोन करने की हिम्मत कैसे की? आपकी इसकी पुष्टि करें.

सीजेआई ने वकील से कहा कि आपको इस केस से हट जाना चाहिए. सीजेआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि भले ही वह भारत से बाहर कहीं भी छिप जाए, मुझे पता है कि ऐसे लोगों से कैसे निपटना है. सीजेआई ने कहा कि ऐसा दोबारा कभी ऐसी हिम्मत मत करना. मैं पिछले 23 सालों से ऐसे तत्वों से निपटता आ रहा हूं. दरअसल याचिका को खारिज करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि यह धोखाधड़ी का नया तरीका है.

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील से सीजेआई ने पूछा था कि आप पुनिया है?, आप किस अल्पसंख्यक वर्ग से हैं? मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं. आप किस प्रकार के पुनिया हैं? वकील ने कहा था कि मेरे मुवक्किल जाट पुनिया हैं. इसपर सीजेआई ने पूछा था कि आप कैसे अल्पसंख्यक हैं? वकील ने कहा था कि मैंने बौद्ध धर्म अपना लिया है. यह मेरा अधिकार है. सीजेआई ने कहा था कि वाह, यह तो धोखाधड़ी का नया तरीका है.

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव से रिपोर्ट देने को कहा था.

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-भारत एक्सप्रेस



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